Search for:
  • Home/
  • Uttarakhand/
  • उत्तराखंड में आज से मौसम में बड़ा बदलाव, ओलावृष्टि और बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड, इन जनपदों में ज्यादा असर

उत्तराखंड में आज से मौसम में बड़ा बदलाव, ओलावृष्टि और बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड, इन जनपदों में ज्यादा असर

Listen to this article

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट लेने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कई पहाड़ी व मैदानी जिलों में गर्जन के साथ बूंदाबांदी तथा हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी. पर्वतीय अंचलों में 3500 से 3800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले चोटियों पर बर्फबारी की पूरी संभावना है. इससे पहले मौसम विभाग ने राजधानी देहरादून के साथ-साथ उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल और सीमांत पिथौरागढ़ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर 15 और 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल और गढ़वाल के ऊंचे शिखरों पर देखने को मिलेगा. कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर सीजन की ताजा बर्फबारी देखने को मिल सकती है. आईएमडी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी जारी रहने के आसार हैं. इस मौसमी हलचल के चलते मैदानी भागों में भी वातावरण में ठंडक घुलने लगी है और ठिठुरन बढ़ने की पूरी तैयारी है.
उत्तराखंड में आज से बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3800 मीटर तक की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. वहीं, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में बारिश का अलर्ट है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

उत्तरकाशी जिले में मौसम बदल गया है. आसमान में बादल छाए हुए हैं और बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
देहरादून और उत्तरकाशी जिले में 15 अक्टूबर को कई स्थानों पर बादलों का कड़ा पहरा रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी के मैदानी व तराई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने तथा बिजली कड़कने की चेतावनी दी है. देहरादून शहर में शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी की संभावना बन रही है, जबकि धर्मनगरी हरिद्वार में भी बादलों की आमद से दिन के पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी.

नैनीताल, हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के मैदानी भागों में बढ़ी ठंड
कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार हल्द्वानी और उधम सिंह नगर में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है. मौसम विभाग के अलर्ट का सीधा असर मैदानी बस्तियों में देखा जा रहा है, जहां सुबह और शाम के वक्त अच्छी-खासी ठंड महसूस की जाने लगी है. नैनीताल के पर्वतीय ताल-क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने से पारा लुढ़केगा. वहीं पंतनगर, रुद्रपुर और आसपास की कृषि पट्टियों में बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलने से पारे में तेजी से गिरावट आएगी, जिससे लोगों को हल्के गर्म कपड़े निकालने पड़ेंगे.
गढ़वाल मंडल के प्रमुख तीर्थस्थलों और पर्वतीय जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी में आज देर शाम से मौसम बिगड़ने के आसार हैं. यहां 3500 से 3800 मीटर से ऊंचे हिमशिखरों पर बर्फबारी की संभावना जताई गई है. ऊंचाई वाले दर्रों में बर्फ गिरने और निचले इलाकों में बारिश होने से इन तीनों जनपदों के तापमान में तीखी गिरावट आएगी. इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को भी चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और हिमपात के आसार बने रहेंगे, जिससे कड़ाके की सर्दी जोर पकड़ेगी.

पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा में ओलावृष्टि का अलर्ट और वैज्ञानिकों की सलाह
पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि होने की प्रबल आशंका जताई गई है. पंतनगर के जाने-माने मौसम वैज्ञानिक डॉ. एएस नैन ने बताया कि मौसम में संभावित बड़े बदलाव को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में सफर करने वाले यात्रियों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और भारी फिसलन के चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका बन सकती है. मौसम विभाग ने आम नागरिकों को प्रशासनिक गाइडलाइंस और मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की हिदायत दी है. 19 और 20 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क होने की उम्मीद है.

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required