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उत्तराखंड के दोनों शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर आज आएंगे

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

देहरादून -:मणिपुर में उग्रवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले में असम राइफल्स के दो जांबाज जवान शहीद हो गए. शहीद जवानों में अल्मोड़ा के वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और पौड़ी के हवलदार चंद्र मोहन सिंह शामिल थे. देश की रक्षा में उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा. पूरा देश इन वीर सपूतों को नमन करता है।

मणिपुर से आज उत्तराखंड के दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर सेना के हेलिकॉप्टर से लाए जा रहे हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, देर रात तक पोस्टमॉर्टम और कागजी कार्रवाई जारी रही। इसके बाद पार्थिव शरीर सेना को सौंपे जा रहे हैं। मामला मणिपुर सरकार, गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच का होने के कारण कार्रवाई में कुछ समय लग गया। मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार दोपहर 40 असम राइफल्स के काफिले पर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था।

इसमें वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए थे। शहीदों की पहचान पौड़ी गढ़वाल निवासी हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह और अल्मोड़ा निवासी वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह के रूप में हुई है। दोनों का पोस्टमॉर्टम उखरुल में किया गया, जहां से उनके पार्थिव शरीर उत्तराखंड लाए जा रहे हैं।

शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह पौड़ी के नैनीडांडा क्षेत्र के डांडातोली गांव के निवासी थे। उनके पिता गोविंद सिंह का 2 मई को निधन हो गया था। पारिवारिक क्रियाकर्म के बाद चंद्रमोहन 3 जुलाई को ड्यूटी पर लौटे थे और तीन दिन बाद ही शहीद हो गए। परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है. असम राइफल्स का काफिला मणिपुर के नुंगशांग खोंग इलाके से गुजर रहा था. तभी पहले से घात लगाए बैठे संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुए इस हमले में हमारे दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।

क्षेत्र में तनाव और हिंसा का माहौल

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में पिछले कुछ समय से हालात संवेदनशील बने हुए हैं. इसी कड़ी में रविवार शाम को कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग कुकी गांव में भी हथियारबंद लोगों द्वारा हमला किए जाने की खबर आई थी. इस हमले के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल फिर से बढ़ गया है. उग्रवादी लगातार शांति भंग करने और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी अधिकारियों एवं जवानों ने अपने वीर शहीदों को नमन किया है. महानिदेशक ने कहा कि वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. असम राइफल्स ने स्पष्ट किया है कि वे इस कठिन घड़ी में शहीद जवानों के परिवारों के साथ पूरी मजबूती और संवेदना के साथ खड़े हैं।

शासन और प्रशासन की प्रतिक्रिया

राज्य के गृह मंत्री गोविंददास ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना कड़ा रुख व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की शांति और आपसी भाईचारे को बिगाड़ने वाली हैं. उन्होंने विश्वास दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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