हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पार
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
खतरे के निशान से महज 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंगा
हरिद्वार। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर चुका है और अब यह खतरे के निशान से महज 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
सिंचाई विभाग के एसडीओ भरत भूषण शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों से पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ हरिद्वार में भी लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्तमान में हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 293.50 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 294 मीटर निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि भीमगोड़ा बैराज से करीब 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ऊपर की ओर स्थित जलस्तर मापक स्टेशनों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गंगा के जलस्तर में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले घंटों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है। वर्तमान स्थिति में गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 50 सेंटीमीटर नीचे है। ऐसे में जलस्तर में मामूली वृद्धि भी नदी को खतरे के निशान के करीब ले जा सकती है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के किनारे जाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश करने से बचने की जरूरत है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम और जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बारिश का दौर जारी रहने और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटे हरिद्वार के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

