चमगादड़ टापू गंगा घाट का बदलेगा स्वरूप, उदासीन सेवा धाम ट्रस्ट ने उठाया सौंदर्यीकरण और जनसेवा का संकल्प
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju SandiKuldeep
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा घाटों की स्वच्छता, संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए संत बाबा गरीबदास उदासीन सेवा धाम ट्रस्ट ने चमगादड़ टापू स्थित गंगा घाट को गोद लेकर उसके विकास एवं नामकरण का प्रस्ताव प्रशासन को सौंपा है। ट्रस्ट ने मेलाधिकारी को भेजे गए पत्र में घाट पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने तथा श्रद्धालुओं के लिए इसे आदर्श घाट के रूप में विकसित करने की इच्छा व्यक्त की है।
ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि संत बाबा गरीबदास उदासीन सेवा धाम हिन्द और सिंध का प्राचीन गद्दी स्थल है, जिसके अनुयायी देश-विदेश में बड़ी संख्या में निवास करते हैं तथा उनकी गंगा मैया और हरिद्वार तीर्थ में विशेष आस्था है। इसी भावना के तहत ट्रस्ट ने चमगादड़ टापू घाट को स्वेच्छा से गोद लेकर वहां नियमित साफ-सफाई, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पौधारोपण, रंग-रोगन, बैठने की व्यवस्था एवं महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं अपने व्यय पर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि गंगा घाटों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं आगे आएं तो हरिद्वार के घाटों को देशभर में आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने इस पहल को जनसेवा और गंगा सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वहीं दयानंद सरस्वती ने कहा कि प्रशासन सदैव उन संस्थाओं का स्वागत करता है जो जनहित और गंगा संरक्षण के लिए सकारात्मक पहल करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घाटों की स्वच्छता और सुविधाओं को तीर्थ यात्रियों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
डॉ लक्ष्मण ने कहा कि चमगादड़ टापू घाट का सौंदर्यीकरण होने से श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिलेगा और यह स्थान धार्मिक पर्यटन का नया आकर्षण बनेगा। वहीं अर्जुन ने कहा कि यह पहल सेवा, श्रद्धा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है, जिससे अन्य संस्थाएं भी आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रशासन से प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है ताकि घाट का विकास कार्य जल्द शुरू किया जा सके।

