NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को होगी परीक्षा
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
छात्रों की मेहनत से समझौता नहीं, NTA ने NEET री-एग्जाम पर दिया भरोसा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। अब देशभर में यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी, जिसके चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
एनटीए ने जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून, रविवार को कराने का फैसला लिया गया है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर चर्चा की। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो सके।
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी भरोसा दिलाया कि छात्रों की मेहनत के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का नुकसान हुआ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र या अभिभावक के पास पेपर लीक से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे उसे ईमेल के जरिए साझा कर सकते हैं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इधर, NEET विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2026-27 सत्र के लिए NEET परीक्षा से छूट देने की मांग की है। उन्होंने राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला देने की अनुमति देने की बात कही है।

