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पेशाब में जलन होना: क्या कारण है?

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

मूत्र के रोग संबंधी

पेशाब में जलन दर्द या रूकावट बड़ा ही पीड़ादायक होती है। पूरा शरीर कटी बेल की तरह मुर्झा जाता है। शरीर में मूत्र सन्सथान है जिसमे गुर्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं। हमारे शरीर में गुर्दों का काम है रक्त को साफ करना यानि फिल्टर करना। रक्त में जो जलीय अंश होता है, गुर्दे उनको निकाल देते हैं। यह जलीय अंश मूत्राशय से होता हुआ मूत्रनली से पेशाब के रूप में शरीर से बहार हो जाता है। अगर व्यक्ति के गुर्दे स्वस्थ और मजबूत है तो उसे कोई तकलीफ नहीं होती है, क्योंकि उसका रक्त शुद्ध बना रहता है।

पेशाब पर्याप्त और ठीक तरह से उतरता है और गुर्दे में विकार या अन्य कारणों से पेशाब में रूकावट होने पर तीव्र वेदना होती है और पेट सूज जाता है। रोगी दर्द से छटपटाता और चिल्लाना लगता है। मूत्र के कारण पेशाब में जलन और दर्द के कई कारण हो सकता है। गुर्दे की गड़बड़ी तथा गुर्दों में पथरी होना भी एक कारण हो सकता है। वैसे दूषित पानी दूषित भोजन पदार्थ खाने और गर्म मसाले खट्टे गर्म आहार अधिक लेना मधपान धूम्रपान दुसरे नशीले पदार्थ सकारण होता है।

इसके अलावा पेशाब को देर तक रोके रखना दवाब बढ़ने पर भी पेशाब व मल त्याग न करने जाना आदि कारण भी हो सकता है। कारण के इससे मूत्राशय पर दबाव काफी बढ़ जाता है। पानी कम तथा तले पदार्थ खाने से भी पेशाब में जलन और दर्द होता है। खेल कूद या अन्य कारण से चोट लगने पर भी पेशाब की जगह दर्द की शिकायत होती है।

घर पर कैसे उपाय करना

घर पर स्वच्छ तथा फिल्टर किया हुआ पानी पियें। घर पर फिल्टर ना हो तो पानी को उबालकर उसे ठंडा करके पीना है। नारियाल का पानी, गन्ने का रस तथा अन्य पदार्थ सेवन करें। फल सब्जी तरबूज, खरबूज, ककड़ी, प्याज, चोलाई, अंगूर, संतरा आदि अधिक मात्रा में सेवन करें। शराब, मट्ठा, दही, केला, उड़द की दाल आदि का सेवन न करें।

उपचार घरेलू कैसे करना

पेशाब में जलन होने पर ताजा मूली और मूली के पत्तों को कूट पीसकर रस निकले और आधा कटोरी रस पीए। इसी तरह कुछ दिन सुबह शाम पीते रहें, पेशाब सामान्य रूप से आएगा और जलन दूर होगी। एक छोटी चम्मच जीरा तथा सम मात्रा में मिश्री के साथ पीसकर खाएँ। उपर से ताजा पानी पिये इसी तरह दिन में तीन बार दो तीन दिनों तक सेवन करें।

चार छोटी इलायची के बीज निकालकर पीस लें। आधा छोटा चम्मच चूर्ण की फंकी लेकर ऊपर से मीठा गुनगुना दूध पी लें। इतनी इतनी मात्रा दिन में तीन बार लें बार लें। पूर्णतः पीड़ा दूर होगी। पेशाब में तीव्र जलन या चीनक हो तो एक गिलास ठंडे पानी में चीनी, बुरा या खांड का शर्बत बनाकर पिएँ, तुरंत आराम मिलेगा। नाभि के चारों ओर देसी घी में सोंठ का पाउडर मिलाकर मलें या लेप करें।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
Email:- aapdeepak.hdr@gmail.com
Contact: – 9897902760

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