देहरादून में रंगोत्सव का आगाज़
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
कवियों और शायरों ने बिखेरा शब्दों का जादू
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया रंगोत्सव का शुभारंभ
देहरादून। उत्तराखंड की अग्रणी सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था रंगायन एसोसिएशन द्वारा दो दिवसीय रंगोत्सव के प्रथम दिवस में कवि सम्मेलन व मुशायरे का शुभारंभ प्रदेश के स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल व कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कवि सम्मेलन व मुशायरे की अध्यक्षता प्रदेश के मशहूर शायर ज़िया बदरुद्दीन ने व संचालन नामचीन शायर व साहित्यकार सुनील साहिल ने किया। प्रदेश की वरिष्ठ साहित्यकार डौली डबराल ने महिला शक्ति को समर्पित अपनी बेहतरीन रचना “पायदान मैं नहीं किसी की ना चौखट में पड़ी हुई हूं। ना दुत्कारे कोई मुझको अपने दम पर खड़ी हुई हूं ।” पड़ कर खूब तालियां बटोरी।
वरिष्ठ कवि सतीश बंसल ने अपनी कविता जो शहीदों ने अपने लहू से लिखी फ़र्ज़ है वो इबारत संजो रखें , मजहबों के सभी मोतियों को चलो डोर में एकता के पिरो रखें।” से सबको दाद देने पर विवश कर दिया। युवा शायर अमजद खान अमजद ने अपने शेरों व नज़्मों से पूरे सभागार का वातावरण खुशगवार कर दिया। उनका शेर “चलना मुश्किल कर देता है मुफलिस का ,खाली जेब भी कितना भारी होता है ” पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिया बदरुद्दीन ने अपने कलाम फूल की अब जरूरत नहीं , अब कली की जरूरत नहीं। आप ही मिल गए जब हमें, अब किसी की जरूरत नहीं पड़ कर खूब तालियां बटोरी। देहरादून की मोनिका मंत्शा ने अपने गीत ” नफ़रतों से दूर तक भी नहीं मेरा वास्ता मोनिका मंत्शा हूं मैं मोनिका मंत्शा” पड़ कर खूब तारीफ बटोरी।
लंबी चली इस शेरों शायरी व कविताओं की जुगलबंदी में युवा शायर आरिफ अतीब , आनंद सिंह शाह, राही नहटौरी, कमाल तकि ने अपनी रचनाओं से खूब वाह वाह वाह लूटी। कार्यक्रम की संयोजिका व रंगायन एसोसिएशन की अध्यक्ष निवेदिता ने स्वास्थ मंत्री सुबोध उनियाल, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का पुष्प गुच्छ दे कर व शाल पहनाकर अभिनंदन किया।

