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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में सफाई कर्मियों की हड़ताल, कुलपति ने दी सफाई

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

हरिद्वार । गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार में पिछले कई दिनों से सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की विश्वविद्यालय शाखा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कुलसचिव कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

क्या है कर्मचारियों का आरोप और मांगें?

संघ के शाखा अध्यक्ष सोनू कुमार और महामंत्री नवदीप भारद्वाज के नेतृत्व में दर्जनों सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा अस्थायी सफाई कर्मचारियों को ‘केकड़ा’ कहा गया था। इसी टिप्पणी को लेकर उन्होंने माफी की मांग की है।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं –

  1. 10 से 20 वर्षों से फिक्स मानदेय (8-10 हजार) और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार नियमित किया जाए।
  2. दैनिक कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह किया जाए।
  3. बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाएं दी जाएं।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने 1 जून और 22 अगस्त 2026 को भी कुलसचिव को पत्र देकर मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। धरने को छात्र प्रतिनिधि सोकेन्द्र बालियान सहित कई शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी समर्थन दिया है।

कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा का पक्ष – “केकड़ा कहने का इरादा नहीं था”

आज दोपहर 1:14 बजे अपने कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए गुरुकुल की कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा जी ने पूरे मामले पर अपना आधिकारिक बयान दिया। उन्होंने कहा –

“सफाई कर्मियों के द्वारा बिना सूचना के आंदोलन जारी किया गया है। मेरे द्वारा ‘केकड़ा’ शब्द एक कहानी के संदर्भ में बताया गया था, जिसमें मैं भी और कुछ अन्य लोग शामिल थे। उस कहानी को उन्होंने गलत तरीके से जाहिर किया है। मेरा किसी को भी केकड़ा कहने का कोई इरादा नहीं था।”

उन्होंने आगे बताया कि सफाई कर्मियों द्वारा दी गई मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उनके द्वारा अपने एक प्रोफेसर को आंदोलन स्थल पर भेजा भी गया था ताकि आंदोलन स्थगित कर वार्ता की जा सके, परंतु कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हुए। कुलपति जी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही कर्मचारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर आंदोलन को समाप्त कराया जाएगा और सभी समस्याओं का नियमानुसार समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

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