कुंभ की तैयारियों को लेकर साधु समाज ने किया मंथन
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
हरिद्वार, नासिक और उज्जैन कुंभ में सनातन परंपराओं के संरक्षण और संत समाज की भूमिका पर चर्चा
हरिद्वार। षडदर्शन साधु समाज एवं अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को हरिपुर कला स्थित आश्रम में समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत गोपाल गिरी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आगामी हरिद्वार, नासिक और उज्जैन कुंभ की तैयारियों, संत समाज की भूमिका तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय परंपराओं का विराट संगम है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुंभ को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने में संत समाज प्रशासन के साथ सकारात्मक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और संत समाज का मार्गदर्शन मिले, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
समिति के उपाध्यक्ष श्रीमहंत चेतनानंद गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ सनातन धर्म की जीवंत परंपरा का सबसे बड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले कुंभों के माध्यम से सनातन संस्कृति का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचता है। संत समाज कुंभ की व्यवस्थाओं और धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान स्वच्छता, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में संतों ने कुंभ आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे और संत समाज की एकजुटता के साथ आगामी धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर समिति के महामंत्री सवा लाख रुद्राक्ष वाले बाबा श्रीमहंत गीतानंद गिरी महाराज, श्रीमहंत प्रशांत पुरी, पंजाब से श्रीमहंत अशोक गिरी, जूनागढ़ से श्रीमहंत धीरज गिरी, टिहरी से सुखदेव गिरी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे। बैठक का समापन सनातन धर्म की मजबूती और आगामी कुंभ आयोजनों की सफलता की कामना के साथ हुआ।

