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उत्तराखण्ड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद की शपथ

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य व जनकल्याण को गति देना प्राथमिकता: राज्यपाल

देहरादून। उत्तराखण्ड के मनोनीत राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की। लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जस्टिस मनोज कुमार तिवारी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण के पश्चात राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा दिए गए सम्मान गार्ड का निरीक्षण किया। इससे पहले मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने भारत की राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिपत्र पढ़कर सुनाया, जिसके अनुसार डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखण्ड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती और यहाँ की जनता को हृदय से नमन करता हूँ। मुझे देवभूमि की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए मैं देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। 

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति का केंद्र है। यह बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे पावन चार धामों की भूमि है। यहाँ आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे अलौकिक एवं पवित्र स्थल भी विद्यमान हैं। यह भूमि अपने अद्वितीय पर्यटन स्थलों के लिए विश्वविख्यात है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि के साथ ही यह प्रदेश वीरभूमि भी है। यहाँ लगभग प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएँ देता है। इस प्रदेश की मातृशक्ति अद्भुत रूप से सशक्त एवं प्रेरणादायी है और यहाँ के युवा, किसान तथा समस्त समाज अत्यंत कर्मठ एवं मजबूत हैं। यही कारण है कि आज उत्तराखण्ड विकास के विभिन्न पायदानों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार के प्रांगण से कहा था कि ‘‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा’’, इसी विजन को साकार करते हुए हमें इस प्रदेश के विकास की गति को निरंतर आगे बढ़ाते हुए नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मेरी मुख्य प्राथमिकताओं में संवैधानिक मूल्यों की सदैव रक्षा करना, पद की गरिमा बनाए रखना तथा राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं को गति देना शामिल है। देवभूमि की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही हमारा परम ध्येय है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत एवं विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री  सतपाल महाराज,  सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, खजान दास, मदन कौशिक, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, सांसद महेन्द्र भट्ट, पूर्व राज्य सभा सांसद  नरेश बंसल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अमृता रावत, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, श्रीमती सविता कपूर, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के प्रमुख स्वामी चिदानन्द महाराज, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के.के. शुक्ल सहित अन्य महानुभाव उपस्थित रहे।

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