जनहित में मिसाल बना एमडीडीए– प्राकृतिक आपदा पीड़ितों की सहायता को अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिया एक दिन का वेतन
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एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा, संकट की घड़ी में प्रदेशवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है प्राधिकरण
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए हाल ही में उत्तरकाशी के धराली और चमोली जिले के थराली में आई भीषण आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सराहनीय पहल की है। विगत दिनों इन क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के कारण भारी जनहानि हुई। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया और सैकड़ों लोग अब भी जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आज भी खाद्यान्न, जस्ती एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की सख्त आवश्यकता बनी हुई है।
जनहित को सर्वोपरि मानते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्णय लिया है कि प्राधिकरण में कार्यरत सभी नियमित अधिकारी और कर्मचारी अपने सितंबर माह के एक दिन का वेतन आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए देंगे। इस कटौती से प्राप्त राशि को एकमुश्त संकलित कर मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कराया जाएगा। एमडीडीए की इस पहल से जहां आपदा पीड़ितों को तात्कालिक राहत मिलेगी, वहीं यह भी संदेश गया है कि संकट की घड़ी में सरकारी संस्थान और कर्मचारी समाज के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस निर्णय की व्यापक स्तर पर सराहना हो रही है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आपदा की इस विकट घड़ी में प्रभावित परिवारों की पीड़ा हम सभी की साझा पीड़ा है। एक दिन का वेतन देना हमारे कर्तव्य और सामाजिक दायित्व का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि आपदा पीड़ितों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए। यह योगदान भले ही छोटा लगे, लेकिन इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना और यह विश्वास दिलाना है कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।

