फीफा विश्व कप 2026- न्यूजीलैंड को हराकर मिस्र ने रचा इतिहास
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
92 साल का इंतजार खत्म, 3-1 की जीत के साथ ग्रुप-जी में शीर्ष पर पहुंचा मिस्र
नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 में मिस्र की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसका इंतजार देश के फुटबॉल प्रशंसक दशकों से कर रहे थे। मोहम्मद सालाह की अगुआई में टीम ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ मिस्र ने 92 वर्षों से चला आ रहा इंतजार समाप्त कर दिया।
वैंकूवर में खेले गए मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए अच्छी नहीं रही। न्यूजीलैंड ने फिन सर्मन के गोल की बदौलत शुरुआती बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि दूसरे हाफ में मिस्र ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। मोस्तफा जिको ने बराबरी का गोल कर टीम को मुकाबले में लौटाया, जिसके बाद कप्तान मोहम्मद सालाह ने गोल दागकर मिस्र को बढ़त दिला दी। मैच के अंतिम चरण में ट्रेजेगेट ने तीसरा गोल कर जीत सुनिश्चित कर दी।
इस यादगार जीत में मोहम्मद सालाह सबसे बड़े नायक बनकर उभरे। उन्होंने एक गोल करने के अलावा एक गोल में सहयोग भी दिया। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत मिस्र ने न सिर्फ मैच जीता बल्कि विश्व कप में अपनी पहली जीत का सपना भी साकार किया। मैच खत्म होने से पहले जब सालाह मैदान से बाहर गए तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।
मैच के बाद सालाह ने इस उपलब्धि को टीम और पूरे देश के लिए बेहद खास बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत मिस्र के फुटबॉल इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है और टीम अब इसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाने का प्रयास करेगी।
इस जीत के साथ मिस्र ने ग्रुप-जी में चार अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर कब्जा कर लिया है। ईरान और बेल्जियम दो-दो अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड एक अंक के साथ चौथे स्थान पर है। ऐसे में ग्रुप के अंतिम मुकाबले नॉकआउट की तस्वीर साफ करेंगे, लेकिन फिलहाल मिस्र सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल नजर आ रहा है।
वहीं, हार के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अगले मुकाबले में जीत हासिल कर वह अभी भी अगले दौर की दौड़ में बने रह सकते हैं। हालांकि इस दिन की सुर्खियां पूरी तरह मिस्र और उसकी ऐतिहासिक जीत के नाम रहीं, जिसने विश्व फुटबॉल में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

