महाराज के अथक प्रयासों से 12341.56 लाख की स्यूंसी झील की टेण्डरिंग प्रक्रिया शुरू
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के ड्रीम प्रोजेक्ट सतपुली झील निर्माण की स्वीकृति के पश्चात अब उनके विशेष प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत विकासखण्ड बीरोंखाल में स्यूंसी झील जिसकी लागत 12341.56 लाख है की ई-टेण्डरिंग प्रक्रिया की भी शुरुआत हो चुकी है।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि क्षेत्रीय जनता की मांग पर मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद पौडी गढवाल के विकासखण्ड बीरोंखाल में पूर्वी नयार नदी पर प्रस्तावित बहुउद्देशीय स्यूंसी बैराज, जलाशय निर्माण की योजना भी अब शीघ्र ही धरातल पर उतारने जा रही है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। जनपद मुख्यालय से लगभग 135 किमी० की दूरी पर एन०एच० 121 पर स्यूंसी बाजार के समीप बंगार झूला पुल के डाऊनस्ट्रीम में स्यूंसी बैराज 06 मी० ऊचाई एवं 60 मी0 चौड़ाई में प्रस्तावित है जिसमें 10×6.5मी0 के 6 नं० गेट प्रस्तावित किये गये है। बैराज के निर्माण से लगभग 0.700 किमी0 लम्बाई में झील का निर्माण होगा।
महाराज ने कहा कि प्रस्तावित स्यूंसी बैराज का निर्माण सिंचाई, पेयजल, मत्स्य, नौकायन एवं पर्यटन को विकसित करने हेतु किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैराज निर्माण के पश्चात् 44 हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा तथा 56 गांवों को निरंतर पेयजल आपूर्ति सम्भव हो सकेगी। बैराज के निर्माण से जल सवर्द्धन एवं जल संरक्षण भी किया जा सकेगा।
कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक महाराज ने बताया कि योजना की हाइड्रोलिक एवं स्ट्रेक्चर डिजाइन आई०आई०टी० रुड़की द्वारा उपलब्ध कराया गया है। स्यूंसी बैराज में प्रस्तावित टू लेन पुल व टू लेन एप्रोच रोड से बंगार ग्राम को राष्ट्रीय राजमार्ग-309 से जोडे जाने का प्राविधान है, जिससे कि पूर्वी नयार नदी के दांये तट पर स्थित बंगार, मंगरौ के ग्रामीणों को चिकित्सा, शिक्षा एवं आपातकालीन स्थितियों में बेहतर Connectivity प्राप्त हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि 12341.56 लाख की धनराशि से निर्मित होने वाली यह योजना शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दी गयी है, जिस पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं वित्तीय स्वीकृति की कार्यवाही गतिमान है, तथा स्वीकृति अपेक्षा में ई-टेण्डरिंग की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

