जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश
धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा एवं ईगास-बग्वाल पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश
सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाएं प्रसारित करने वालों पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी
आतिशबाजी की दुकानों, अग्निशमन व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को समन्वय से कार्य करने के निर्देश
आगामी त्योहारों के दौरान जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी हरिद्वार, लक्सर एवं भगवानपुर सहित संबंधित अधिकारियों को जारी आदेश के तेहत कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि दिनांक 06 नवंबर 2026 को धनतेरस, 08 नवंबर 2026 को दीपावली, 10 नवंबर 2026 को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर 2026 को भैयादूज, 14 एवं 15 नवंबर 2026 को छठ पूजा तथा 20 नवंबर 2026 को ईगास-बग्वाल का त्योहार मनाया जाएगा। दीपावली के अवसर पर विभिन्न पर्वों के अनुरूप आम नागरिकों द्वारा खरीदारी, मिठाइयों, आतिशबाजी एवं सजावट आदि का सामान क्रय किया जाता है। साथ ही इन त्योहारों पर कई वर्षों से जुआ खेलने जैसी कुप्रथाएं भी समाज में प्रचलन में हैं। इसके अतिरिक्त भैयादूज के अवसर पर महिलाओं की बड़ी संख्या में आवागमन रहता है एवं छठ पर्व पर श्रद्धालुओं की नदी और तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में सुबह-शाम भगवान सूर्य की उपासना के लिए भीड़ एकत्रित होती है। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी त्योहारों के अवसर पर जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विगत दिनों खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिससे साम्प्रदायिक सद्भाव एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए तथा सत्यापन अभियान एवं सीसीटीवी कैमरों का व्यवस्थासम्मत प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। मीडिया में ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाए, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना उत्पन्न न हो। पूर्व में घटित घटनाओं एवं वर्तमान में प्रचलित विवादों की समीक्षा करते हुए उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। त्योहारों के अवसर पर किसी भी संदिग्ध वस्तु के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए, जिससे आम जनमानस में भय की स्थिति उत्पन्न न हो पाए।
जुलूस एवं शोभायात्राओं के दौरान किसी भी प्रकार के अवरोध, जैसे जुलूस का किसी वाहन से टकराना अथवा यातायात से संबंधित बाधा उत्पन्न होने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। जुलूस को विलंबित करने जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए पूर्व से ही सार्थक प्रयास किए जाएं। त्योहारों के अवसर पर मंदिरों के आसपास स्थित भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए विशेष ध्यान देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दीपावली एवं अन्य महत्वपूर्ण त्योहारों से पूर्व विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार पटाखों की पैकिंग करके बिक्री सुनिश्चित की जाए। विशेषकर धनतेरस के अवसर पर महिलाओं की विशेष चहल-पहल एवं गतिशीलता रहती है।
ऐसे में यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही दूसरी ओर आपराधिक एवं असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़, चैन स्नैचिंग, लूट एवं अन्य घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। छठ पूजा के दौरान नदियों एवं तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश की समुचित व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आवागमन के लिए उचित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर असामाजिक एवं कट्टरपंथी तत्वों द्वारा अपने कुत्सित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अफवाहें फैलाए जाने की संभावनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। त्योहारों के अवसर पर असामाजिक तत्वों द्वारा आतिशबाजी के सामान एवं अन्य सामग्री पर आपत्तिजनक धार्मिक चित्र अंकित किए जाने की संभावना को देखते हुए भी विशेष निगरानी रखी जाए।
पटाखे आदि चलाने को लेकर दूसरे समुदाय के भवनों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास विवाद उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए आतिशबाजी एवं पटाखों के असुरक्षित भंडारण, परिवहन में असावधानी तथा अग्निशमन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आगजनी की घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रभावी इंतजाम किए जाएं। जुए में हार-जीत को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना पर भी सतर्कता बरती जाए। विद्युत आपूर्ति अनियमित अथवा बाधित होने पर हंगामे की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। एक समुदाय द्वारा दूसरे समुदाय पर छींटाकशी करने से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना को देखते हुए भी प्रभावी निगरानी रखी जाए।

