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कफ की समस्या है तो जानिए विभिन्न औषधियों से उपचार

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

1:- सरसों

सरसों के तेल में नमक मिलाकर मालिश करने से छाती में जमी हुई कफ (बलगम) की गांठें निकल जाती हैं।

2:- सत्यानाशी के पंचाग

सत्यानाशी के पंचाग का पांच सौ ग्राम रस निकालकर उसको आग पर उबालना चाहिए। जब वह रबड़ी की तरह गाढ़ा हो जाए तब उसमें पुराना गुड़ 60 ग्राम और राल 20 ग्राम मिलाकर, खरलकर लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग की गोलियां बना लेनी चाहिए, एक गोली दिन में तीन बार गरम पानी के साथ देने से दमे में भी लाभ होता है।

3:- घी

बालक की छाती पर गाय का घी धीरे-धीरे मसलने से जमा हुआ कफ (बलगम) निकल जाता है।

4:- हल्दी

कफ (बलगम) जम जाने के कारण सांस लेने में छाती कांपती हो तो 1-2 बार कपड़े से छानकर गाय के मूत्र में थोड़ी-सी हल्दी मिलाकर पिलाना कफ (बलगम)-खांसी में फायदेमंद होता है। जुकाम,दमा में कफ (बलगम) गिरता हो तो नियमित तीन बार 2 ग्राम हल्दी की फंकी गर्म पानी से लेना चाहिए।

5:- श्लेष्मा, रेशा गिरता हो तो आधा चम्मच हल्दी की फंकी गर्म दूध से सेवन करना चाहिए।

6:- कफ (बलगम) के कारण सीने में घबराहट पैदा होती है तो गर्म पानी के साथ नमक घोलकर पिलाना चाहिए।

7:- भांगरा

तिल्ली बढ़ी हुई हो, भूख न लग रही हो, लीवर ठीक से कार्य न कर रहा हो, कफ व खांसी भी हो और बुखार भी बना रहे। तब भांगरे का 4-6 मिलीलीटर रस 300 मिलीलीटर दूध में मिलाकर सुबह-शाम के समय सेवन करने से लाभ होता है।
गोद के बच्चे या नवजात बच्चे को कफ (बलगम) अगर होता है तो 2 बूंदें भांगरे के रस में 8 बूंद शहद मिलाकर उंगली के द्वारा चटाने से कफ (बलगम) निकल जाता है।

8:- रूद्राक्ष

बच्चे की छाती में अगर ज्यादा कफ (बलगम) जम गया हो और कफ निकलने की कोई आशा नजर न आ रही हो तो ऐसे में रूद्राक्ष को घिसकर शहद में मिलाकर 5-5 मिनट के बाद चटाने से उल्टी द्वारा कफ (बलगम) निकल जाता है।

9:- अदरक

अदरक को छीलकर मटर के बराबर उसका टुकड़ा मुख में रखकर चूसने से कफ (बलगम) आसानी से निकल आता है।

10:- लौंग

लगभग 3 ग्राम लौंग 100 मिलीलीटर पानी में उबालें। एक चौथाई रह जाने पर कम गर्म करके पी लें। इससे कफ निकल जाता है। लौंग के तेल की तीन-चार बूंद बूरा या बताशे में डालकर सुबह-शाम लें। इससे लाभ मिलता है।

11:- अंगूर

अंगूर खाने से फेफड़ों को शक्ति मिलती है। जुकाम, खांसी दूर होती है। कफ (बलगम) बाहर आ जाता है। अंगूर खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए।

12:- पोदीना

कफ (बलगम) होने पर चौथाई कप पोदीने का रस इतने ही गर्म पानी में मिलाकर रोज तीन बार पीने से लाभ होता है।

13:- केला

कफ के ज्यादा होने पर केला और शहतूत खाना लाभदायक होता है।

14:- तुलसी

कफ (बलगम) होने पर 50 मिलीलीटर तुलसी के पत्तों के रस में 5 चम्मच चीनी मिलाकर शर्बत बना लें। इसका एक छोटा चम्मच रोज पिलायें। इससे कफ (बलगम) निकल जायेगा। तुलसी के रस में बलगम को पतला करके निकालने का गुण है।

15:- राई

खांसी में कफ गाढ़ा हो जाने पर बलगम आसानी से न निकलता हो तो, राई लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग, सेंधानमक लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग और मिश्री मिलाकर सुबह-शाम देने से कफ पतला होकर बलगम आसानी से बाहर निकलने लगता है।

16:- हरड़

हरड़ को गाय के मूत्र में पकाकर, कूट-पीसकर खाने से कफ से होने वाले रोग खत्म हो जाते हैं।

17:- मुलहठी

खांसी होने पर यदि कफ सूखा होता है तो बार-बार खांसने पर बड़ी मुश्किल से निकल पाता है जब तक गले से कफ नहीं निकल जाता है, तब तक रोगी खांसता ही रहता है। लगभग 2 कप पानी में 5 ग्राम मुलहठी चूर्ण डालकर इतना उबालें कि पानी आधा कप बचे। इस पानी को आधा सुबह और आधा शाम को सोने से पहले पी लें। 3 से 4 दिन तक प्रयोग करने से कफ पतला और ढीला हो जाता है, जिससे बड़ी आसानी से निकल जाता है और खांसी, दमा के रोगी को बड़ी राहत मिलती है।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
Email:- aapdeepak.hdr@gmail.com
Contact: – 9897902760

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