Search for:
  • Home/
  • Breaking News/
  • उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार- सीएम

उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है सरकार- सीएम

Listen to this article

Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

हरिद्वार में संतों ने कहा, सीएम धामी सनातन के रक्षक

विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक

लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद के विरोध की गूंज

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूपतवाला में आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व हिन्दू परिषद पिछले छह दशकों से सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देश और विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे समय में समाज को जागरूक, संगठित एवं अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता एवं राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी वर्गों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के पुनर्जागरण का साक्षी बन रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्यों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

केदारखण्ड एवं मानसखण्ड क्षेत्रों में प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत एवं मूल स्वरूप के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है।

समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार एवं समान कानून सुनिश्चित किए गए हैं। सख्त भू-कानून लागू कर प्रदेश की भूमि, संस्कृति एवं जनहितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है तथा कानून व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति एवं सभ्यता से संबंधित विषयों पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है।

मुख्यमंत्री के संबोधन से पूर्व विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल से जुड़े संत-महात्माओं ने उन्हें धर्मरक्षक, सनातन सेवा के लिए समर्पित तथा देवभूमि के देवालयों का सेवक बताते हुए पूरे संत समाज की ओर से आशीर्वाद प्रदान किया।

महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में सनातन संस्कृति की पताका फहरा रही है, उसी प्रकार उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन मूल्यों की रक्षा एवं संरक्षण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसी प्रवृत्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने जैसे निर्णयों ने उत्तराखण्ड को सनातन संरक्षण का एक आदर्श मॉडल बनाया है।

महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारते थे, वे आज भी राम मंदिर एवं उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को विवादित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व सनातन परंपरा के विरोधी हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तेजी से बदल रही जनसांख्यिकी को लेकर धामी सरकार की गंभीरता तथा देवभूमि के पौराणिक स्वरूप एवं सांस्कृतिक मानबिंदुओं के संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं।

बैठक की अध्यक्षता अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वात्मानन्द महाराज ने की। महाराष्ट्र से स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज, साध्वी पूर्णप्रज्ञा जी, गुजरात कर्णावती के देवलाचार्य-अविचलाचार्य महाराज, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज, मुम्बई से डॉ. भदन्त राहुल बोधि, गोवा के पद्मनाभ पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मेशानन्द महाराज, सहित अनेक प्रतिष्ठित संत-महात्माओं एवं धर्माचार्यों ने सहभागिता की।

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं केन्द्रीय प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश , अंतरराष्ट्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग बागड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश विनायक, प्रांत संगठन मंत्री अजय कुमार, क्षेत्र संयोजक बजरंग दल अनुज वालिया, बलराम कपूर, सौरभ चौहान सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required