लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति पाने वाले फार्मासिस्टों का सम्मान
ऋषिकेश। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फार्मासिस्टों के रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियों के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नियुक्ति प्राप्त फार्मासिस्टों और डिप्लोमा फार्मासिस्ट बेरोजगार संघ ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में समाप्त किए गए फार्मासिस्ट पदों को पुनर्जीवित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती ने कहा कि प्रदेश में फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है। चारधाम यात्रा, वीआईपी ओपीडी और डिस्पेंसिंग सहित अनेक जिम्मेदारियां फार्मासिस्ट निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आईपीएचएस मानकों के नाम पर फार्मासिस्ट संवर्ग का ढांचा 1500 पदों से घटाकर 963 कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में पद समाप्त हो गए। उन्होंने शासन स्तर पर लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग की।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट बेरोजगार संघ ने भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मांग जोरदार ढंग से रखी। साथ ही फार्मेसी अधिकारी से मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि कई फार्मासिस्ट 35 वर्षों की सेवा के बाद भी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने और पद पुनर्जीवित करने की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश भूषण, उपाध्यक्ष प्रवीण पांडे, राहुल लखेड़ा, बीपी भट्ट, नरेश सेमल्टी तथा बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश जोशी, महामंत्री जयप्रकाश गैरोला, सोनल, यमुना रावत, गौतम उनियाल और अरविंद समेत बड़ी संख्या में नियुक्ति प्राप्त और बेरोजगार फार्मासिस्ट मौजूद रहे।

