क्या हैं डायरिया, गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं इसके मामले? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
देशभर में भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान लगातार बढ़ने के साथ पेट से जुड़ी बीमारियों के मामलों में तेजी आई है। अस्पतालों और क्लीनिकों में डायरिया, उल्टी, फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में खानपान और साफ-सफाई में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है।
गर्मी के मौसम में शरीर से अधिक पसीना निकलने के कारण पानी की कमी जल्दी होने लगती है। ऐसे में दूषित पानी, खुले में बिकने वाला खाना और लंबे समय तक रखा बासी भोजन संक्रमण का खतरा बढ़ा देता है। यही कारण है कि इस मौसम में डायरिया के मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा अधिक माना जाता है।
क्या हैं डायरिया?
डायरिया यानी बार-बार पतले दस्त होना। यह आमतौर पर संक्रमित भोजन या गंदा पानी पीने से होता है। कई बार बैक्टीरिया, वायरस या खराब खानपान के कारण पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है, जिससे पेट खराब होने की समस्या शुरू हो जाती है। सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, खुला खाना और अस्वच्छ पेय पदार्थ इस संक्रमण का बड़ा कारण बनते हैं।
गर्मियों में क्यों बढ़ता है खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक गर्म तापमान में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैलते हैं। खाना जल्दी खराब हो जाता है और उसमें संक्रमण पैदा होने लगता है। कई घंटे तक रखा भोजन, दूषित बर्फ और बिना ढका खाना पेट संबंधी बीमारियों को बढ़ावा देता है। ई-कोलाई, साल्मोनेला और रोटावायरस जैसे संक्रमण डायरिया के प्रमुख कारण माने जाते हैं।
डायरिया के लक्षण
डायरिया की स्थिति में दिन में कई बार पतले दस्त होना सबसे सामान्य संकेत है। इसके अलावा पेट दर्द, ऐंठन, उल्टी, मतली, कमजोरी और हल्का बुखार भी हो सकता है। लगातार दस्त होने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है, जिससे चक्कर आना, मुंह सूखना और कमजोरी महसूस हो सकती है।
तुरंत क्या करें?
डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी पूरी करना सबसे जरूरी होता है। ओआरएस का घोल पीना काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। मरीज को हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन देना चाहिए।
कैसे करें बचाव?
गर्मियों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। खाने से पहले और टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए। हमेशा साफ और फिल्टर किया हुआ पानी पीना बेहतर माना जाता है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और बासी खाने से बचना चाहिए।
नोट: यह जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।

