Search for:
  • Home/
  • Breaking News/
  • वेल्डिंग के काम से नहीं हुई कमाई तो बन गया नशा तस्कर, 55 लाख की स्मैक के साथ तीन गिरफ्तार

वेल्डिंग के काम से नहीं हुई कमाई तो बन गया नशा तस्कर, 55 लाख की स्मैक के साथ तीन गिरफ्तार

Listen to this article

Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandip

नशा तस्करों के लिए हरिद्वार पुलिस खौफ बन चुकी है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार नशा तस्करों पर कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली रानीपुर पुलिस ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 55 लाख रूपये कीमत की अवैध स्मैक बरामद की है। यह स्मैक यूपी के बरेली से यहां सप्लाई के लिए लायी गई थी।

एएसपी/सीओ सदर जितेन्द्र मेहरा के निर्देशन में रानीपुर पुलिस, A.N.T.F. व C.I.U. हरिद्वार की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाकर मुखबिर की सूचना पर नहर पटरी भाईचारा ढाबे के पीछे जमालपुर जाने वाले कच्चे रास्ते से दो मोटर साईकिल पर सवार तीन संदिग्ध को दबोचकर उनके कब्जे से 274 ग्राम से अधिक स्मैक (बाजारू कीमती करीब 55 लाख रूपये) बरामदगी की गयी।

पकड़ में आए आरोपित मुस्लिम उर्फ मुर्सलीन ने बताया कि वह पहले वैल्डिंग का काम करता था तथा पैसों के लालच में वह करीब 2-3 महीनो से स्मैक बेचने का काम कर रहा है। इसी काम के चलते उसकी बरेली उ0प्र0 निवासी व्यक्ति से जान पहचान हुई और वह स्मैक की खरीद फरोख्त करने लगा। मुस्लिम ने इस काम में अपने परिचित इमरान व मेहरबान को भी शामिल किया। आरोपी बरामद मोटर साइकिल का इस्तेमाल कर स्मैक बेच अच्छा मुनाफा कमा लेते थे। आरोपी मुस्लिम उर्फ मुर्सलीन को विगत माह नवम्बर में थाना पथरी द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

बरामदगी के आधार पर पकड़े गए तीनों युवकों एवं प्रकाश में आए स्मैक पैडलर के खिलाफ कोतवाली रानीपुर में मु0अ0सं0 515/24 धारा 8/21/27/29/60 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया। पैडलर की तलाश के साथ ही विधिक कार्यवाही की जा रही है। हरिद्वार पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही से जहां एक ओर नशा तस्करों के बीच हडकंप मचा हुआ है तो वहीं दूसरी ओर आमजनमानस मुक्तकंठ से हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा एवं कप्तान के नेतृत्व की सराहना कर रही है।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required