आगामी केंद्रीय बजट 2026: देश की प्रगति को नई दिशा देने वाला बजट
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
1 फ़रवरी 2026 को प्रस्तुत होने वाला केंद्रीय बजट भारत की आर्थिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की पूरी संभावना रखता है। सरकार की अब तक की नीतियों और आर्थिक संकेतकों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आने वाला बजट विकास, समावेशन और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित होगा। आम नागरिकों से लेकर उद्योग जगत तक, सभी वर्गों को इस बजट से सकारात्मक उम्मीदें हैं।
इस बजट का एक प्रमुख आकर्षण मध्यम वर्ग और सैलरीड वर्ग को मिलने वाली संभावित राहत होगी। इनकम टैक्स स्लैब में संतुलित सुधार, स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी और टैक्स सिस्टम को और सरल बनाए जाने की संभावना है। इससे न केवल करदाताओं को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि उनकी खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था में मांग को मजबूती प्रदान करेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर इस बजट का मजबूत स्तंभ बना रहेगा। सड़क, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास परियोजनाओं में निरंतर और लक्षित निवेश से देश की कनेक्टिविटी और उत्पादक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा और निर्माण, सीमेंट व स्टील जैसे उद्योगों को नई गति देगा।
देश की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभाने वाले MSME और छोटे व्यापारियों के लिए यह बजट नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। आसान ऋण, बेहतर क्रेडिट सपोर्ट और नियामकीय सरलता से छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादन, उद्यमिता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जो आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूत करेगा।
कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी बजट से सकारात्मक पहल की उम्मीद है। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, भंडारण और ग्रामीण सड़कों में निवेश से किसानों की आय में स्थिरता आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती क्रय शक्ति का असर समग्र अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।
इसके साथ ही, टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंडिया, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाना तय माना जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल नवाचार को प्रोत्साहन देकर यह बजट भारत को सतत विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
निष्कर्षतः, आगामी बजट 2026 से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यह बजट देश के लिए आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। यदि अपेक्षित घोषणाएँ ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू होती हैं, तो यह बजट भारत को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

