23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
वसंत पंचमी के पावन अवसर पर हुई तिथि घोषित
उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में शामिल बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर कपाटोद्घाटन की तिथि की औपचारिक घोषणा की गई। परंपरागत धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत यह घोषणा नरेंद्रनगर राजदरबार में की गई।
कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया से पहले डिम्मर गांव से डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा के साथ ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। शुक्रवार को डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेकर नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे, जहां महाराजा मनुजेंद्र शाह की उपस्थिति में पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।
23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में खुलेंगे कपाट
धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान बदरीविशाल के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर खोले जाएंगे। वहीं गाडू घड़ा यात्रा की शुरुआत 7 अप्रैल से होगी।
इससे पूर्व बृहस्पतिवार सुबह श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर, डिम्मर में डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने विधिविधान से भगवान और गाडू घड़ा का विष्णु सहस्त्रनाम एवं नामावलियों से महाभिषेक किया। इसके बाद बाल भोग अर्पित कर गाडू घड़ा के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। भगवान बदरीविशाल के जयकारों के बीच गाडू घड़ा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए ऋषिकेश रवाना हुई।
वसंत पंचमी की सुबह गाडू घड़ा लेकर डिमरी पुजारी ऋषिकेश से नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचे। यहां महाराजा मनुजेंद्र शाह ने पंचांग पूजन के बाद भगवान बदरीविशाल के कपाटोद्घाटन, महाभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल को पिरोने और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथियों की घोषणा की।
अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर खोले जाते हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, हालांकि कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त मंदिर समिति की मौजूदगी में बाद में निर्धारित किया जाएगा। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के अवसर पर घोषित की जाएगी।

