Search for:
  • Home/
  • Haridwar/
  • pine crest school में राष्ट्रीय कवि संगम हरिद्वार इकाई की मासिक गोष्ठी सम्पन्न

pine crest school में राष्ट्रीय कवि संगम हरिद्वार इकाई की मासिक गोष्ठी सम्पन्न

Listen to this article

pine crest school में राष्ट्रीय कवि संगम हरिद्वार इकाई की मासिक गोष्ठी सम्पन्न हुई जिसके जिला अध्यक्ष देविंद्र सिंह रावत जी ने कहां हरिद्वार को उत्तराखंड की साहित्यिक राजधानी बनाने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है , और वहीं राष्ट्रीय कवि संगम हरिद्वार के जिला महामंत्री दिव्यांश दुष्यंत जी ने कहा ” होता समाज का आईना कवि कहो या दर्पण जैसी जिसकी सोचा हो उसको वैसा अर्पण ” इसके साथ ही काव्य पाठ किया ,और उपस्थित कवि जो चेतना पथ के संस्थापक है उन्होंने कहा ” रे पथिक तू चल‌, तेरी दूर नहीं मंजिल ” और अन्य गीतो से समा बांधा
और बिजनौर से आए एक कविताओं के वट वृक्ष श्री कर्मवीर सिंह जी जिन्होंने कहा “हमे धरती को बचाना है जरूर ,नहीं तो गंदी पड़ जाएगी ” , छंद ज्ञाता शशिरंजन जी ने कहा “कुछ अवगुण ऐसे होते है , जो लाख गुणो पर भारी है ” बाकी काव्यपाठ किया , वहीं उपस्थित रहे देवेंद्र मिश्रा जी जिन्होंने कहा “
वहीं उपस्थित राष्ट्रीय कवि संगम के गोष्ठी प्रमुख श्री प्रभात रंजन जी जिन्होंने कहा ” कुछ प्रीत लिखु या जीत लिखु तुझको ही मन का मीत लिखु “बाकी काव्यपाठ किया , और नारी शक्ति उपस्थित रही श्रीमती मिनाक्षी चावला जी जिन्होंने कहा ” मातृभूमी मैं तेरा कर्ज कैसे उतार दू ” बाकी काव्यपाठ किया , और अरविंद दूबे जी उपस्थित रहे जिन्होंने कहा ” नकाबो से घूस लेकर आईने मौन रहते है , मट्टी मंजर रहा अगर तो हकीकत कौन बोलेगा ” बाकी काव्यपाठ किया, और उम्र मे सबसे छोटी रचना हमारे मध्य उपस्थित रही जिन्होने कहा ” बेटी तू कमजोर ना बन , निकल बाहर अब मौन ना बन “
बाकी काव्यपाठ किया, प्रशांत कौशिक जी हमारे बीच उपस्थित रहे जिन्होंने कहा ” उनकी ख्वाहिश की हद को उनके चेहरे से पढ़ ले ” बाकी काव्यपाठ किया , और हमारे मध्य कुसुमकार पंत जी उपस्थित रहे जिन्होंने कहा ” कारवां कहीं नहीं जाता , बस ये पल बदलता है ” बाकी काव्यपाठ किया, तथा एक उभरता हुआ बालक अनुप जी उपस्थित रहे जिन्होंने कहा ” हम हिन्दू हिन्द हिमालय के वेद ज्ञान के ज्ञानी “बाकी काव्यपाठ किया ।
अंत मे pine crest school के प्रधानाचार्य श्री कुलदीप कुमार जी ने कार्यक्रम की समीक्षा मे कहा , कविताओ ने ही देश को आजादी दिलाई थी और आज का यह आधुनिक युग जिसके विचार अभी भी गुलाम है उनको आजादी केवल कविताए और साहित्य ही दिला सकता है।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required