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2026 सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी तेज, वन भूमि विवाद सुलझा

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2026 के शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य

कैबिनेट मंत्री ने विभाग की योजनाओं की समीक्षा की

देहरादून। प्रदेश की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी शुरू करने की राह में लगातार बाधा बन रही फॉरेस्ट लैंड का मामला आखिर सुलझ गया है। वन विभाग से जमीन दिए जाने की सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद अब 2026 के सत्र से यूनिवर्सिटी शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभाग की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी।

विधानसभा भवन स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दो-तीन बार इस मामले की फाइल वन विभाग से लौटा दी गई थी। लेकिन अब दोनों पक्षों में सैद्धांतिक सहमति बन गई है। उन्होंने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के पद सृजित कराने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री ने किया था। इस बैठक में इस कॉलेज में भी अगले साल से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत अक्टूबर तक का पूरा पैसा लाभार्थियों को दिया जा चुका है । आगे के लिए बजट की डिमांड करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दे दिए हैं।

इसके अलावा पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न जॉब देने के लिए खेल विभाग अब यह प्रस्ताव शासन को भेजेगा कि सारे अधिसंख्य पद खेल विभाग में ही सृजित किए जाएं। खेल मंत्री ने कहा कि दूसरे विभागों में आउट ऑफ टर्न जॉब देने के पुराने खराब अनुभव को देखते हुए विभाग अपने यहां ही अधिसंख्य पद चाहता है।

बैठक में खेल मंत्री ने इस पर नाराजगी जताई कि खेल विभाग के लिए आबकारी से ₹1 प्रति बोतल सेस का धन अब तक विभाग को क्यों नहीं मिल पाया है। उन्होंने अधिकारियों से इसमें तुरंत कदम उठाने के लिए कहा।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि मौजूद रहे।

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