केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियां तेज, घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण शुरू
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
बीमा शुल्क से नाराज हुए घोड़ा-खच्चर संचालक
केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कपाट खुलने से पहले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने पहले चरण के लिए रोस्टर जारी कर दिया है, जबकि दूसरे चरण की प्रक्रिया होली के बाद शुरू होगी।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं और सामान के परिवहन में अहम भूमिका निभाने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण को लेकर पशुपालन विभाग ने 26 से 28 फरवरी तक विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, माइक्रोचिपिंग, टैगिंग, रक्त जांच और बीमा अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही जिला पंचायत द्वारा पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन इस बार करीब 5 हजार घोड़े-खच्चरों के संचालन को मंजूरी देने की तैयारी में है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत के अनुसार 27 फरवरी को चंद्रापुरी और सिद्धसौड़, जबकि 28 फरवरी को घंघासू बांगर और बक्सीर में पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पशुओं की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, घोड़ा-खच्चर संचालकों ने बीमा शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस बार बीमा राशि पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है, जिसके कारण कई संचालक बीमा कराने से पीछे हट रहे हैं। संचालकों का आरोप है कि विभाग उन पर अनिवार्य रूप से बीमा कराने का दबाव बना रहा है, जबकि यह उनकी स्वेच्छा पर आधारित होना चाहिए।
वहीं अधिकारियों के अनुसार राउंलेक क्षेत्र में करीब 300 घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण और माइक्रोचिपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन बीमा न होने के कारण लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर मनसूना क्षेत्र में 172 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 143 का बीमा पूरा होने पर उन्हें लाइसेंस भी जारी कर दिए गए हैं।

