हर हर महादेव की गूंज से गुंजायमान हुआ प्रज्ञाकुंज आश्रम
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi / Deshraj Sharma
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर प्रज्ञा कुंज जगजीतपुर में प्रातः काल से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। श्री गणेश गायत्री परिवार ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी जितेन्द्र रघुवंशी ने श्री राकेश कुमार वर्मा तथा श्री मोहित वर्मा के साथ ही बद्री विहार कालोनी के श्रद्धालुओं के द्वारा महारुद्राभिषेक का विशेष पूजन कराया। आरती के बाद हर हर महादेव की गूंज से समूचा प्रज्ञा कुंज परिसर गुंजित हो उठा। रघुवंशी ने शिव जी को नशीले पदार्थ समर्पित करने की भावना को स्पष्ट करते हुए बताया कि समुद्र मंथन के समय निकले विष को भोलेनाथ ने कण्ठ में धारण कर लिया था, ताकि सृष्टि को इसके विषैले प्रभाव से बचाया जा सके, उसी समय से किसी भी प्रकार के विषैले हानिकारक नशीले पदार्थों को शिव जी को समर्पित करते हुए प्रार्थना की जाती है कि हमारा परिवार नशीले पदार्थों से मुक्त रहे, इसके लिए भोले बाबा शक्ति और सामर्थ्य प्रदान करें।
इसके पूर्व महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर प्रज्ञाकुंज जगजीतपुर में महाशिवरात्रि पर्व पर तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ जल कलश यात्रा के साथ हुआ। श्री गणेश गायत्री परिवार ट्रस्ट प्रज्ञाकुंज के तत्वावधान में श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर प्रज्ञाकुंज जगजीतपुर कनखल हरिद्वार में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पायलट बाबा आश्रम घाट से श्री महाकालेश्वर महादेव मन्दिर तक से जल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाएं “आओ आओ सुहागिन नारि, कलश सिर धारण करो” गीत के साथ गंगा घाट पहुंचीं, जहाँ माँ गंगा के पूजन के बाद कलश पूजन करके महाशिवरात्रि पर्व पर श्री महाकालेश्वर महादेव के महा रुद्राभिषेक के लिए गंगा जल लिया गया। इस अवसर पर श्री गणेश गायत्री परिवार ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी जितेन्द्र रघुवंशी ने गंगा जल के माहात्म्य पर प्रकाश डाला। कलश यात्रा के श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचने पर कलश धारण करने वाली महिलाओं का सत्कार करते हुए कलश स्थापित किए गए। इस अवसर पर डॉ केशवानंद जी ने दीपोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात १००८ दीपकों से दीप ज्योति महायज्ञ सम्पन्न हुआ, इन दीपों से श्री महाकालेश्वर महादेव की विशेष आरती की गई।
