मुख्यमंत्री के ‘हरित व आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ विजन की सशक्त मिसाल बना नौगांव
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
सोलर ऊर्जा से रोशन हुआ गांव, सुरक्षित और सतत विकास की ओर सशक्त कदम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण के दूरदर्शी विजन को धरातल पर साकार करते हुए विकासखंड बीरोंखाल की ग्राम पंचायत नौगांव ने सोलर ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास की एक प्रेरणादायी पहल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदर्शी योजना और सामूहिक प्रयासों से नौगांव आज जिले ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।
पूर्व में जहां गांव के अधिकांश मार्ग रात्रि में अंधेरे में डूबे रहते थे, वहीं अब सोलर ऊर्जा की बदौलत पूरा गांव उजाले से जगमगा रहा है। ग्राम पंचायत भवन की छत पर स्थापित तीन किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 16 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इस ऊर्जा को गांव में स्थापित 40 सोलर स्ट्रीट लाइटों से जोड़ा गया है, जिससे सभी प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों एवं आवासीय क्षेत्रों में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।
ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह ने बताया कि यह सोलर प्लांट राज्य वित्त से लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक वर्ष पूर्व स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करना नहीं, बल्कि गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने बताया कि गांव में लगभग 70 परिवार निवास करते हैं और सोलर स्ट्रीट लाइटों से न केवल विद्युत व्यय में कमी आयी है, बल्कि रात्रिकालीन सुरक्षा एवं सुगमता भी सुनिश्चित हुई है।
जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने नौगांव की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में सोलर ऊर्जा का प्रभावी उपयोग ग्राम पंचायत की सक्रियता और विकासोन्मुख सोच को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि यह नवाचार अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत नौगांव स्वच्छता के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी है। वर्ष 2023–24 में स्वच्छता कार्यों के लिए नौगांव को जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, जिसके लिए पंचायत को पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि नौगांव ग्राम पंचायत द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से की गयी यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के कुशल उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे न केवल ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि रात्रिकालीन सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस प्रकार के सफल मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी चरणबद्ध रूप से अपनाया जाय, ताकि हर गांव सुरक्षित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बन सके।
गांव की रीना देवी, मीनाक्षी देवी, रविन्द्र रावत एवं जगदीप सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था होने से सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और ग्रामीणों को सुविधाजनक वातावरण मिला है। ग्रामीणों ने इस पहल को मुख्यमंत्री के विकास विजन से जुड़ा हुआ बताते हुए ग्राम पंचायत के प्रयासों की सराहना की। नौगांव की यह पहल इस बात का सशक्त प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड का हर गांव हरित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

