मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की पहल पर उत्तराखंड के माल्टा को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने राज्य में माल्टा उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए “माल्टा मिशन” शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड के माल्टा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों से आए माल्टा, नींबू एवं अन्य साइट्रस फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित इन फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया और किसानों के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान और परंपरा से जुड़ा हुआ फल है। राज्य की आर्थिकी को सशक्त बनाने में बागवानी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत राज्य सरकार पहले ही एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी योजनाएं शुरू कर चुकी है और अब माल्टा मिशन के माध्यम से किसानों को नई संभावनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग, बेहतर विपणन और बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। प्रत्येक जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इसी दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली में आयोजित होने वाला माल्टा महोत्सव राज्य के किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि खेती और बागवानी में नवाचार, आधुनिक तकनीक और उचित प्रोत्साहन से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी यह पहल गेम चेंजर साबित होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बताया कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान विकसित किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। माल्टा और गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। बागान स्थापना पर 50 प्रतिशत, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
महोत्सव में पौड़ी
गढ़वाल के माल्टा उत्पादक हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं, जो अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न जनपदों से आए किसान उपस्थित रहे।

