उत्तराखंड और SDRF के हेड कांस्टेबल आशिक अली ने ऐसे बचाया शिव भक्त को गंगा में डूबने से
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandip
सावन का महीना है ऐसे में उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक कावड़ियों की तादाद गंगा नदी में तेजी से बढ़ती जा रही है तथा कहीं-कहीं कावड़िया गंगा नदी में दुर्घटना का भी शिकार हो रहे हैं उन सब पर कडी नजर रखे हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल SDRF के जवान साहसिक प्रयास करते हुए कई कांवड़िए की जान बचा रहे हैं। मंगलवार को कांगड़ा घाट पर कांवड़ यात्रा के दौरान, मोनू सिंह, उम्र 21 वर्ष, निवासी मोहल्ला पीरबाबा, गांव बदरौली, थाना तिगांव, तहसील दयालपुर, बल्लभगढ़, फरीदाबाद, दिल्ली, गंगा में स्नान करते समय नदी के तेज बहाव में बहने लगा और डूबने की स्थिति में पहुंच गया।
ऐसी विकट परिस्थिति में, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) के हेड कांस्टेबल आशिक अली की नजर गंगा में डूबते हुए युवक पर पड़ी तो उन्होंने अपने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी। उन्होंने तेजी से बहते पानी में अपनी जान की परवाह किए बिना मोनू सिंह को सुरक्षित किनारे तक पहुँचाया।
इस वीरतापूर्ण कार्य ने न केवल मोनू सिंह की जान बचाई, बल्कि संकट के समय में एसडीआरएफ जवानों के असाधारण साहस और तत्परता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। हेड कांस्टेबल आशिक अली के इस साहसिक और निस्वार्थ कार्य ने एक शिव भक्त को नया जीवन दिया

