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उत्तराखण्ड को फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता: सीएम धामी

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

उत्तराखण्ड में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से बढ़ रही राज्य की पहचान, मसूरी से नैनीताल तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बना देवभूमि का प्राकृतिक परिवेश

देहरादून। उत्तराखण्ड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, मनोरम पर्वतीय भू-दृश्यों, ऐतिहासिक स्थलों और फिल्म शूटिंग के अनुकूल वातावरण के चलते बड़े फिल्म निर्माताओं की पसंद बनता जा रहा है। राज्य में इन दिनों बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की जा रही है। अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में तो जाह्नवी कपूर नैनीताल में शूटिंग कर रहे है। बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स के उत्तराखण्ड पहुंचने से राज्य की फिल्म-अनुकूल छवि को मजबूती मिलने के साथ ही पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण के लिए अपार संभावनाएं रखता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड को एक प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग केवल राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं, कलाकारों, तकनीशियनों, होटल व्यवसायियों, परिवहन संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। सरकार फिल्म पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

फिल्म नीति 2024 से शूटिंग प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर

उत्तराखण्ड सरकार राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड फिल्म नीति 2024 के अंतर्गत अनुकूल वातावरण विकसित कर रही है। राज्य में सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम के माध्यम से शूटिंग संबंधी अनुमतियों को सरल और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर शूटिंग अनुमति उपलब्ध कराने की व्यवस्था फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने में सुविधा प्रदान करती है।

फिल्म नीति के माध्यम से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को अवसर उपलब्ध कराने तथा पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्म यूनिटों के आगमन से होटल, परिवहन, खान-पान, स्थानीय सेवाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं।

फिल्म पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

उत्तराखण्ड में एक साथ बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है। फिल्मों के माध्यम से मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। इससे भविष्य में इन क्षेत्रों में पर्यटकों की रुचि बढ़ने और स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलने की संभावनाएं हैं।

उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सहयोग और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। राज्य में बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग उत्तराखण्ड को फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को नई गति प्रदान कर रही है।

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