उत्तराखंड में मौसम का आज येलो अलर्ट,हिमपात के साथ बिजली गिरने की संभावना
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
आज से ठंड की दस्तक
देहरादून। मानसून की विदाई के बावजूद भी देवभूमि उत्तराखंड में बादलों का पहरा लगातार बना हुआ है. प्रदेश में बारिश का सिलसिला फिलहाल थमता नहीं दिख रहा. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 9 अक्टूबर को देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही पहाड़ों पर सीजन की ताजी बर्फबारी देखने को मिल सकती है. राजधानी देहरादून समेत मैदानी इलाकों में अंधड़, बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने का खतरा बरकरार है. इस बदलते मौसमी मिजाज के कारण लोगों को गुलाबी ठंड के स्थान पर ठिठुरन भरी सर्दी का सामना करना पड़ सकता है. सम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक, 9 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और पहाड़ी मार्गों पर आवाजाही करने वाले यात्रियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
आईएमडी के मुताबिक 9 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 13 जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के पूरे आसार हैं. आईएमडी ने प्रदेश भर में मौसम का यह रुख केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि आगामी 14 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी जारी रहेगा. राजधानी देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी के आसपास के इलाकों में 9 अक्टूबर को कई स्थानों पर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा. मौसम विभाग (आईएमडी) ने देहरादून जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. यहां गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों में भी दून के ग्रामीण इलाकों में अंधड़ के साथ तीव्र बौछारें दर्ज की गई थीं, जिससे कई जगह पेड़ गिरने व बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्याएं सामने आई थीं।
नैनीताल और कुमाऊं मंडल में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट
नैनीताल, भीमताल, भवाली और हल्द्वानी समेत पूरे जनपद में 9 अक्टूबर को मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा रहेगा. इतना ही नहीं, मौसम विभाग ने नैनीताल के आसपास रहने वाले स्थानीय बाशिंदों और पर्यटकों को पेड़ों के नीचे न खड़े होने की हिदायत दी है. नैनीताल के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के चलने से दिन और रात दोनों वक्त के पारे में भारी कमी आएगी, जिससे बाजार और पर्यटन स्थलों पर गर्म कपड़ों की जरूरत अभी से महसूस होने लगी है।
पिथौरागढ़ में जहां निचले इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका है, वहीं मुनस्यारी, धारचूला और उच्च हिमालयी चोटियों पर 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की पूरी संभावना है. पिथौरागढ़ और बागेश्वर के घाटियों वाले इलाकों में आकाशीय बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की संभावना जताई है।
टिहरी और पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ी अंचलों में अंधड़
टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 9 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक टिहरी और पौड़ी जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है. इन जिलों के प्रमुख कस्बों जैसे नई टिहरी, नरेंद्र नगर, कोटद्वार और श्रीनगर में बादलों की आवाजाही के साथ अचानक तेज हवाओं के झोंके आ सकते हैं।
10 से 14 अक्टूबर तक बर्फबारी और ठंड का दौर
उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में 9 अक्टूबर को गरज के साथ बारिश और 4200 मीटर ऊंचाई पर बर्फबारी के संकेत हैं. 10 अक्टूबर को राज्य भर में मौसम और तीव्र होगा, जब 3800 मीटर की ऊंचाई तक बर्फ की चादर बिछ सकती है. 11 अक्टूबर को हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन पर्वतीय जिलों में छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 12 और 13 अक्टूबर को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी और देहरादून में बहुत हल्की से हल्की बारिश व 3800 मीटर पर हिमपात जारी रहेगा. वहीं 14 अक्टूबर को केवल उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचे शिखरों पर हल्की बर्फबारी व बारिश के आसार रहेंगे।

