कुंभ की आस्था को भ्रष्टाचार का अवसर न बनाए सरकार: अमन गर्ग
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709 करोड़ रुपये के कुंभ कार्यों का पाई-पाई हिसाब दे सरकार, सतीकुंड के 61 करोड़ के प्रस्ताव पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
हरिद्वार। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर आगामी अर्द्धकुंभ को लेकर हरिद्वार में चल रहे विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कुंभ जैसे पवित्र आयोजन को कथित भ्रष्टाचार और अनियोजित निर्माण का माध्यम बना रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुंभ के नाम पर करीब 709 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन इन कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर जनता के मन में सवाल हैं।
अमन गर्ग ने कहा कि कांग्रेस कुंभ विकास कार्यों के विरोध में नहीं है। हरिद्वार में बेहतर सड़कें, घाट, पार्किंग, यातायात और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं जरूरी हैं, लेकिन जनता के पैसे का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि 709 करोड़ रुपये के सभी कार्यों की परियोजनावार सूची, स्वीकृत लागत, डीपीआर, टेंडर लागत, कार्यदायी संस्था, संबंधित कंपनी, भुगतान की स्थिति और निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने सतीकुंड के पुनरोद्धार एवं सौंदर्यीकरण पर प्रस्तावित करीब 61 करोड़ रुपये की लागत पर भी सवाल उठाए। कहा कि सीमित क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि खर्च की जा रही है तो सरकार को इसका मदवार विवरण जनता के सामने रखना चाहिए। किस कार्य पर कितनी राशि खर्च होगी, निर्माण की डिजाइन क्या है, सामग्री कितनी लगेगी और सिविल एवं अन्य कार्यों पर कितना खर्च होगा, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने सतीकुंड की भूमि के स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की। कहा कि सरकार बताए कि भूमि का स्वामित्व किसके पास है और वहां सार्वजनिक धन खर्च करने का कानूनी आधार क्या है।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने पिछले कुंभ के दौरान कराए गए निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए आस्था पथ, सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कई कार्य कुछ वर्षों में ही बदहाल नजर आने लगे हैं। सरकार को इन कार्यों का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराना चाहिए। उन्होंने पूछा कि यदि निर्माण कार्यों की गारंटी अवधि थी तो खराब हुए कार्यों के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी।
अमन गर्ग ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के अभाव में ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक विभाग सड़क बनाए और कुछ समय बाद दूसरा विभाग पाइपलाइन या केबल डालने के लिए उसी सड़क को फिर खोद दे। कुंभ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों के लिए एकीकृत मास्टर प्लान और समन्वित कार्ययोजना सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क या अन्य निर्माण यदि कुछ महीनों अथवा वर्षों में खराब हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। निर्माण सामग्री की जांच, तकनीकी निरीक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण की जानकारी भी जनता के सामने रखी जाए। सभी बड़े निर्माण कार्यों का स्वतंत्र थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी उन्होंने की।
अमन गर्ग ने कहा कि कांग्रेस कुंभ को किसी भी हालत में ‘‘कमाई का कुंभ’’ नहीं बनने देगी। यदि विकास कार्यों में अनियमितता, घटिया निर्माण, नियमों की अनदेखी या टेंडर प्रक्रिया में पक्षपात सामने आया तो कांग्रेस सड़क से लेकर शासन और जरूरत पड़ने पर न्यायिक स्तर तक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मां गंगा और कुंभ करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े हैं। आस्था की आड़ में जनता के धन के इस्तेमाल पर सवाल पूछने से कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहाकि स्वंय भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी सतीकुंड सौदर्यीकरण के मुद्दे पर अपनी आपत्ति जता चुके हैं, कि आखिर 5 से 7 करोड़ के कार्य पर 61 करोड़ कैसे खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने सरकार से 709 करोड़ रुपये के सभी कार्यों की पूरी जानकारी, सतीकुंड की डीपीआर एवं लागत का मदवार विवरण तथा पिछले कुंभ के स्थायी निर्माणों का तकनीकी और वित्तीय ऑडिट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की धार्मिक गरिमा, श्रद्धालुओं की सुविधा और जनता के धन की रक्षा करना विपक्ष की जिम्मेदारी है और कांग्रेस प्रत्येक रुपये का हिसाब मांगती रहेगी। प्रेसवार्ता के दौरान मुरली मनोहर, संतोष चौहान, अंजू मिश्रा, सीपी सिंह आदि मौजूद रहे।

