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कॉमनवेल्थ 2026 के विजेताओं का सम्मान

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

खिलाड़ियों को खेल अकादमी खोलने की सलाह

मांडविया बोले- पदक के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी तैयार करें चैंपियंस

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों का नई दिल्ली में भव्य सम्मान किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा एथलेटिक्स के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उन्हें भविष्य में युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक बनने का संदेश दिया।

नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं और अब उनकी जिम्मेदारी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने की भी है। उन्होंने खिलाड़ियों से भविष्य में अपनी खेल अकादमियां शुरू करने और उभरती प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने का आह्वान किया।

पदक विजेताओं को मिला नकद पुरस्कार

समारोह में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक हासिल करने वालों को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

बॉक्सिंग में भारत का दबदबा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए। टीम ने 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग की पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया।

स्वर्ण पदक विजेता

प्रीति पवार (54 किग्रा)
जैसमीन लम्बोरिया (57 किग्रा)
साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
प्रिया घांघस (60 किग्रा)
अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
सचिन सिवाच (60 किग्रा)
अंकुश पंघाल (80 किग्रा)

रजत पदक विजेता

जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा)

महिला मुक्केबाजों द्वारा जीते गए सात स्वर्ण पदक भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहे।

जूडो में पहली बार बना इतिहास

भारतीय जूडो टीम ने भी इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीते। खेलो इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने भारत को जूडो में पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण दिलाकर नया इतिहास रचा। अस्मिता पहली भारतीय महिला और हर्ष सिंह पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने जिन्होंने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।

पैरा एथलीटों की भी हुई सराहना

सम्मान समारोह में पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। खेल मंत्री ने ग्लासगो में भारतीय पैरा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भारतीय पैरा खेलों के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का आह्वान

डॉ. मांडविया ने कहा कि खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल पदक जीतना या सरकारी नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल जीवन समाप्त होने के बाद अनुभवी खिलाड़ी देश में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएं और अपने अनुभव का लाभ युवाओं तक पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि सरकार ने संशोधित खेलो इंडिया योजना के तहत 36 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे देशभर में खेलों का बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

एशियाई खेलों के लिए दिया नया लक्ष्य

खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को एशियाई खेल 2026 में भी इसी तरह का प्रदर्शन दोहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रजत और कांस्य पदक विजेताओं से स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखने और स्वर्ण पदक विजेताओं से अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की अपील की।

कोचों के योगदान को बताया अमूल्य

उन्होंने खिलाड़ियों को अपने प्रशिक्षकों के योगदान को हमेशा याद रखने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरु का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

सरकारी योजनाओं से मिला मजबूत समर्थन

कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (ACTC) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और विशेषज्ञ कोचिंग जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिसने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

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