मणिपुर में असम राइफल्स कैंप पर हिंसक हमला
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
वाहनों में लगाई आग
तलाशी अभियान के बाद भड़की भीड़ ने किया पथराव, आंसू गैस छोड़कर हालात पर पाया गया काबू
इंफाल (मणिपुर)- मणिपुर के सेनापति जिले में सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान के बाद मंगलवार रात तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप के बाहर प्रदर्शन करते हुए पथराव किया और सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाया। घटना के दौरान तीन वाहनों में आग लगा दी गई, जबकि कुछ अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि सुरक्षा बलों की तत्परता से हालात पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
तलाशी अभियान के बाद बढ़ा तनाव
अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर असम राइफल्स ने ओकलॉन्ग क्षेत्र के निकट मकुइलोंगडी इलाके में तलाशी और गश्त अभियान चलाया था। जानकारी मिली थी कि कुछ हथियारबंद कैडर निर्धारित शिविरों से बाहर सक्रिय हैं और हथियारों के साथ घूम रहे हैं, जो संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप को भी सूचित किया गया है।
कैंप के बाहर जुटी भीड़, वाहनों में की तोड़फोड़
तलाशी अभियान के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों की गतिविधियों का विरोध किया। इसके बाद देर शाम सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ गए। रात करीब साढ़े नौ बजे प्रदर्शनकारियों ने कैंप पर पथराव शुरू कर दिया और सुरक्षाबलों के वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। कैंप के बाहर स्थित एक वेटिंग शेड और एक निजी वाहन को भी आग लगा दी गई।
आंसू गैस छोड़कर भीड़ को किया गया तितर-बितर
स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स के साथ मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया। हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और आवश्यकतानुसार खाली राउंड फायर किए। आधी रात तक अभियान चलाकर भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया, जिसके बाद क्षेत्र में शांति बहाल हो गई।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर लोगों की चिंताओं का समाधान करने और क्षेत्र में शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के प्रयास कर रहा है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।

