सूबे के स्कूलों में अनिवार्य होगा एनसीसी, एनएसएस व स्काउट- डाॅ. धन सिंह रावत
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिये स्कूल ड्रापआउट कम करने के निर्देश
विद्यालयों में छात्रों को मिले डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति व मूलभूत सुविधाओं का लाभ
देहरादून। सूबे के सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस व स्काउट एंड गाइड की इकाइयां गठित की जायेंगी, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्राओं को इन में प्रतिभाग कर प्रशिक्षण का अवसर मिल सके। इसके अलावा स्कूलों में ड्रापआउट प्रतिशत कम करने, छात्रों को डिजिटल शिक्षा व मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करने को भी कहा गया है।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने श्रीनगर (गढ़वाल) में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक व माध्यमिक स्तर पर ड्रापआउट दर शून्य करने के लिये ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य में विद्यालयी शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाय, साथ ही विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारी कार्यक्रम संचालित किये जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, ड्रेस, जूते, साइकिल आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट एंड गाइड की इकाइयों का गठन कर विद्यार्थियों की इसमें अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित होगी। डॉ. रावत ने मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये, ताकि पात्र छात्र-छात्राएं इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी के अंतर्गत चिन्हित विद्यालयों के निर्माण कार्यों हेतु डीपीआर तैयार करने, विद्यालयों के विकासखंडवार मात्राकरण तथा शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में विभागीय मंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, क्लस्टर विद्यालयों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, अवस्थापना सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके साथ ही डायट संस्थानों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।डॉ. रावत ने अधिकारियों को विद्यालयों में फर्नीचर, विद्युत, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर लैब सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। बैठक में उप सचिव विद्यालयी शिक्षा ए.के. शुक्ल, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक माध्यमिक परमेन्द्र कुमार, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव सहित गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, सभी डायटों के प्राचार्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

