Search for:
  • Home/
  • Breaking News/
  • सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में हाईटेक होंगी प्रयोगशालाएं- डाॅ. धन सिंह रावत

सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में हाईटेक होंगी प्रयोगशालाएं- डाॅ. धन सिंह रावत

Listen to this article

Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

एमबी पीजी काॅलेज व कोटद्वार महाविद्यालय में लैब अपग्रेडेशन को 4 करोड़ जारी

आई0आई0टी0 कानपुर की सहायता से उच्चीकृत की जायेंगी प्रयोगशालाएं

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित एमबी पीजी काॅलेज हल्द्वानी एवं कोटद्वार महाविद्यालय में स्थापित विज्ञान प्रयोगशालाओं को हाईटेक बनाया जायेगा। दोनों महाविद्यालयों की प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण को 4 करोड की धनराशि जारी कर दी गई है। इन दोनों महाविद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशालाओं को आईआईटी कानपुर के सहयोग से उच्चीकृत किया जायेगा, ताकि वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आधुनिक उपकरणों के जरिये प्रयोगात्मक एवं शोधात्मक प्रशिक्षण मिल सके।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर के राजकीय महाविद्यालयों में स्थापित प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत कर हाईटेक बनाया जायेगा, ताकि अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वैश्विक स्तर के मानदण्डों के अनुरूप प्रयोगात्मक कार्यों का प्रशिक्षण मिल सके।

डाॅ. रावत ने बताया कि प्रथम चरण में एम.बी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में स्थापित विज्ञान प्रयोगशाला के उच्चीकरण को 2-2 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है, शीघ्र ही आईआईटी कानपुर की सहायता से दोनों महाविद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशाला को उच्चीकृत किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को प्रयोगशालाओं के समय पर उच्चीकरण करने निर्देश दे दिये गये हैं। डाॅ. रावत ने बताया कि आईआईटी कानपुर, आई.आई.एस.सी बैंगलुरू, आइसर मोहाली जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के सहायता से राजकीय महाविद्यालयो में बेसिक साइंस लैब, टिंगरिंग लैब, अप्लीकेशन लैब आदि आधारभूत संरचनाएं विकसित किये जायेंगे। इसके साथ ही छात्रों को हैण्ड्स आॅन ट्रेनिंग और लैब वर्क के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

रावत ने बताया कि महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि महाविद्यालयों में समग्र रूप से एक इकोसिस्टम बनाया जा सके और राज्य को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक माॅडल स्टेट के रूप में स्थापित किया जा सके।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required