एनएचएम के तहत केन्द्र सरकार को भेजी जायेगी एक हजार करोड़ की पीआईपी
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ की मंत्रणा
कहा, कार्ययोजना में नवीन योजनाओं को भी करें शामिल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन के लिये केन्द्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु करीब एक हजार करोड़ की प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) भेजी जायेगी। जिसमें राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये आधा दर्जन नई योजनाओं को भी शामिल किया जायेगा।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु केन्द्र सरकार को भेजी जाने वाली पीआईपी को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिसमें उन्होंने एनएचएम के अंतर्गत पूर्व से संचालित कार्यक्रमों के आलावा आशाओं का मानदेय बढ़ाये जाने, वैक्सीन स्टोरेज हेतु आवश्यक उपकरण, कोल्ड चेन उपकरण, माॅडल इम्युनाइजेशन सेंटर की स्थापना, चारधाम हेतु मोबाइल वैक्सीनेशन वैन, पर्वतीय क्षेत्रों में सेफ्टी पिट्स व वीपीडी सर्विलांस आदि को प्रमुखता से पीआईपी में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
इसके अलावा उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये राज्य के सभी सांसदगणों से भी सुझाव आमंत्रित कर पीआइपी में शामिल करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के कुछ विकासखण्डों का चयन कर मोतियाबिंद संभावित मरीजों की शतप्रतिशत जांच करने के निर्देश भी बैठक में दिये। डाॅ. रावत ने प्रत्येक ब्लाॅकों में चिकित्सकों के लिये आवश्यकतानुसार ट्रांजिट हाॅस्टल के निर्माण, वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान का संचालन के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल ने बताया कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार पीआईपी तैयार कर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजी दी जायेगी। जिसमें प्रदेश के सांसदगणों के सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।

