जिला प्रशासन की मानवीय पहल- विधवा महिला का बैंक ऋण चुकाया, बच्चों के भविष्य को दी सुरक्षा
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधवा शांति राणा को बड़ी राहत
पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी, बैंक ऋण और तीन बच्चों की जिम्मेदारी से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर उनका ऋण भार समाप्त कराया है। इसके साथ ही उनकी 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे परिवार को भविष्य की बड़ी चिंता से मुक्त किया गया है।
नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र है। सीमित संसाधनों के कारण वह बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कर त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर बैंक ऋण का पूर्ण निस्तारण कराया। साथ ही अंशिका की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस अग्रिम रूप से स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।
इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों और अन्य सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को संकट की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

