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नगर आयुक्त की सख्ती: चीनी मांझे पर कार्रवाई और स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों की समीक्षा

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को नगर निगम हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार (आईएएस) द्वारा सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों एवं सुपरवाइजरों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चीनी मांझे के विरुद्ध कार्रवाई, शहर की स्वच्छता व्यवस्था तथा आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

चीनी मांझा: जानलेवा होने के साथ-साथ गंभीर गंदगी
बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा केवल दुर्घटनाओं और जनहानि का कारण ही नहीं है, बल्कि यह शहरी गंदगी का भी एक गंभीर स्रोत बन चुका है। उन्होंने बताया कि—चीनी मांझा प्लास्टिक एवं नायलॉन से बना होता है, जो लंबे समय तक नष्ट नहीं होता। उपयोग के बाद यह बिजली के खंभों, पेड़ों, नालियों, छतों और सड़कों पर लटककर शहर की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित करता है।

नालियों में फंसा मांझा जल निकासी अवरुद्ध करता है, जिससे गंदगी, दुर्गंध और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
पशु-पक्षी इसमें उलझकर घायल होते हैं और मृत मांझा ठोस अपशिष्ट के रूप में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।
इसी कारण नगर आयुक्त ने चीनी मांझे को स्वच्छता और प्लास्टिक प्रदूषण से सीधे तौर पर जुड़ा विषय बताते हुए इसकी बिक्री, भंडारण एवं उपयोग पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्वच्छता व प्लास्टिक पर संयुक्त अभियान
नगर आयुक्त ने सभी सैनिटरी इंस्पेक्टरों को निर्देशित किया कि चीनी मांझे की जब्ती को प्लास्टिक नियंत्रण एवं गंदगी के विरुद्ध चल रही कार्रवाई से जोड़ा जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि: गंदगी फैलाने वालों पर नियमित चालान,
प्रतिबंधित प्लास्टिक के विरुद्ध सघन अभियान,सार्वजनिक स्थलों से लटके मांझे की त्वरित सफाई, आमजन को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाए।

स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों पर जोर
बैठक में आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के मद्देनज़र फील्ड स्तर की तैयारियों की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता, प्लास्टिक नियंत्रण और जनसुरक्षा—तीनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत रूप से लागू किया जाना चाहिए।

उपस्थित अधिकारी
बैठक में एसएनए ऋषभ उनियाल, मुख्य सैनिटरी निरीक्षक मनोज कुमार, धीरेन्द्र सेमवाल, अर्जुन सिंह, संजय शर्मा, श्रीकांत, विकास चाचर, विकास चौधरी, सुनील मलिक तथा सुरेन्द्र कुमार उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने अंत में कहा कि नगर निगम हरिद्वार का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, जिसमें निगम की टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

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