भारत का विकसित बनना तय, पर तभी जब युवा निभाएंगे निर्णायक भूमिका- अजीत डोभाल
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में एनएसए डोभाल का युवाओं को संदेश
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के उद्घाटन सत्र में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इतनी मजबूत बुनियाद पर खड़ा हो चुका है कि इसकी प्रगति की दिशा अब स्थायी हो गई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना के साथ देश निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
युवाओं से सीधा संवाद, अनुभव साझा किए
कार्यक्रम के दौरान एनएसए डोभाल ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि पीढ़ियों के बीच का अंतर बड़ा जरूर है, लेकिन देश के भविष्य को लेकर सोच समान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता-पूर्व भारत को भी देखा है और आज के भारत को भी, जहां परिवर्तन की गति अभूतपूर्व है। उनके अनुसार, आज का भारत आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
निर्णय क्षमता को बताया सफलता की कुंजी
डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन और राष्ट्र निर्माण दोनों में फैसलों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि भारत का विकसित राष्ट्र बनना तय है, लेकिन यह तभी संभव है जब युवा वर्ग जिम्मेदारी के साथ निर्णय ले और चुनौतियों का सामना करने से पीछे न हटे।
राष्ट्रीय सुरक्षा और शक्ति पर जोर
एनएसए ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में जारी संघर्ष इस बात का प्रमाण हैं कि शक्ति और आत्मविश्वास के बिना स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि सशक्त राष्ट्र ही अपने हितों की रक्षा कर पाते हैं। उनके मुताबिक, नेतृत्व की स्पष्ट दृष्टि और दृढ़ संकल्प देश को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
इतिहास से सीख लेकर भविष्य निर्माण की अपील
डोभाल ने ‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि भारत और चीन लंबे समय तक वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अतीत में विज्ञान, व्यापार और ज्ञान के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व किया, लेकिन समय के साथ गिरावट भी आई। ऐसे में इतिहास से सीख लेते हुए निरंतर प्रयास और राष्ट्रवादी सोच के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
बलिदानों को याद कर युवाओं को संदेश
एनएसए ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि आजादी ऐसे ही नहीं मिली। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्ष ने आज के भारत की नींव रखी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

