सुबह खाली पेट भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, नहीं तो हो सकती है एसिडिटी की समस्या
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
अक्सर लोग सेहतमंद रहने की चाह में दिन की शुरुआत कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों से कर लेते हैं, जिन्हें वे सबसे ज्यादा फायदेमंद मानते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर पौष्टिक चीज हर समय शरीर के लिए लाभकारी नहीं होती। खासतौर पर सुबह खाली पेट कुछ चीजों का सेवन पाचन तंत्र पर उल्टा असर डाल सकता है और धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकता है।
चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार, रातभर के उपवास के बाद पेट में एसिड का स्तर अधिक होता है। ऐसे में यदि सुबह खाली पेट गलत खाद्य पदार्थ लिए जाएं, तो पेट की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है। इसका असर केवल एसिडिटी या गैस तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लंबे समय में यह मेटाबॉलिज्म से जुड़ी दिक्कतें, ब्लड शुगर असंतुलन और आंतों की सूजन जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सी चीज कब खानी चाहिए।
खाली पेट इन चीजों से बढ़ सकती है परेशानी
खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू और मौसमी विटामिन-सी से भरपूर होते हैं, लेकिन सुबह खाली पेट इनका सेवन पेट में अतिरिक्त एसिड बना सकता है। इसी तरह फ्रूट जूस में फाइबर की कमी होती है और इसमें मौजूद फ्रुक्टोज अचानक ब्लड शुगर बढ़ा सकता है, जिससे कुछ देर बाद थकान महसूस होने लगती है।
कॉफी पीने की आदत भी खाली पेट नुकसानदेह हो सकती है। कैफीन पेट में एसिड के उत्पादन को बढ़ाता है और स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को सक्रिय कर देता है, जिससे बेचैनी, घबराहट और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
दही को भले ही प्रोबायोटिक माना जाता हो, लेकिन खाली पेट लेने पर पेट में मौजूद तेज एसिड इसके लाभकारी बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है। इससे दही के फायदे कम हो जाते हैं और कुछ लोगों को गैस या पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।
सुबह क्या लेना है बेहतर
विशेषज्ञों के अनुसार, दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करनी चाहिए। इसके बाद भीगे हुए बादाम, अखरोट, ओट्स या हल्का नाश्ता पाचन के लिए बेहतर रहता है। खट्टे फल, दही और जूस को नाश्ते के बाद या दिन में किसी अन्य समय लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। सही समय पर सही भोजन का चुनाव छोटी-सी आदत लग सकती है, लेकिन यही आदतें लंबे समय तक सेहत को सुरक्षित रखती हैं।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

