10 मिनट डिलीवरी पर लगा ब्रेक, सरकार के दखल के बाद बदला नियम
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi
क्विक कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्र सरकार की सख्ती के बाद ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी ब्लिंकिट ने “10 मिनट में डिलीवरी” के दावे को खत्म कर दिया है। यह फैसला गिग वर्कर्स की सुरक्षा और बढ़ते सड़क हादसों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट संकेत दिया था कि समय-सीमा के दबाव में काम करने वाले गिग वर्कर्स की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। इसके बाद कंपनी ने अपने प्रचार और डिलीवरी मॉडल में बदलाव किया।
हालांकि, कंपनी का तर्क है कि तेज डिलीवरी का कारण वाहन की रफ्तार नहीं बल्कि ग्राहकों के नजदीक बने डार्क स्टोर्स हैं। बावजूद इसके, गिग वर्कर्स संगठनों का कहना है कि कम समय की अपेक्षा व्यवहारिक रूप से डिलीवरी पार्टनर्स पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
गिग एवं प्लेटफॉर्म सर्विस यूनियन ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे श्रमिक हित में ऐतिहासिक फैसला बताया है। यूनियन ने दावा किया कि 10 मिनट डिलीवरी के कारण कार्यस्थल पर तनाव और सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ रहे थे, जिसको लेकर हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में सभी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के लिए गिग वर्कर्स की सुरक्षा, बीमा और कार्य शर्तों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

