विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय वृक्ष न्यास ( ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया) द्वारा हर वर्ष की भांति वृक्षारोपण
Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandip
पर्यावरण असंतुलन के कारण ही धरती बन रही है आग का गोला
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन वर्तमान की सबसे बड़ी वैश्विक चुनौती
वृक्षारोपण ही है प्राकृतिक संतुलन बनाने का सरल उपाय
विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय वृक्ष न्यास ( ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया) द्वारा हर वर्ष की भांति वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम जनमानस को सजग करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है उसी कड़ी में बढ़ते मृदा एवं वायुप्रदूषण से जलवायु परिवर्तन की गंभीर वैश्विक समस्या से पूरे जीवमंडल के जीवन पर छा रहे संकट के बादलों से निजात पाने के लिए “मिशन सवा सौ करोड़” संचालित किया जा रहा है जिसके तहत हर भारतीय से कम से कम एक पेड़ रोपित कराकर उसकी सांस का इंतजाम किया जा रहा है। पूरी दुनिया इस वर्ष पर्यावरण दिवस को मृदा संरक्षण पर विशेष ध्यान आकर्षित करने वाली थीम पर काम कर रही है, बढ़ते रेगिस्तान की चिंता विश्वव्यापी बनती जा रही है जिसे सघन वृक्षारोपण के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है। उक्त विचार ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष ग्रीनमैन विजयपाल बघेल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में शामिल होकर अपने उद्बोधन में व्यक्त किए। उन्होने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण ही धरती आग का गोला बनती जा रही है जिसे ठंडा करने के लिए अधिकाधिक पौधारोपण कार्य किया जाना जरूरी है।
ग्रीन मैन ऑफ इंडिया के रूप में प्रसिद्धि पाने वाले हरितऋषि विजयपाल बघेल ने बताया कि वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की विश्वव्यापी समस्या गम्भीर होती जा रही है, जिसे विश्व पटल पर बड़ी गंभीरता से लिया जा रहा है। अरावली पर्वतमाला के बाद अब हिमालय को तहस नहस किया जा रहा है, प्राकृतिक संसाधनों के रूप में मिले जल, जंगल और जमीन तीनों पर बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप से ही पर्यावरणीय असंतुलन एक घातक समस्या सिद्ध हो रहा है। उन्होंने इस चुनौती को अत्यंत गंभीर और वैश्विक बताते हुए कहा कि पेड़ के महत्व को तो भारतीय संस्कृति में पूजनीय माना है जो प्राकृतिक संरचना का मूल आधार है। वनीकरण के माध्यम से ही मृदा संरक्षण होता है और बढ़ते रेगिस्तान पर भी अंकुश लगाया जा सकता है इस लिए पूरे विश्व समुदाय को हरित अभियान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। श्री बघेल ने चिंता जताई कि हर दिन दुनियां में कोई न कोई विशेष दिवस मनाया जाता है लेकिन कैसी विडंबना है कि जीने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी ऑक्सीजन बनाने वाले वृक्ष को समर्पित कोई दिन घोषित नहीं किया गया है जो अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया द्वारा ‘वर्ल्ड ट्री डे नेटवर्क’ गठित किया जा रहा है ताकि विश्व वृक्ष दिवस घोषित कराया जा सके। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया गया जिसमें डा ज्ञान प्रकाश सिंह, राहुल भटनागर, नरेश गौड़, विनोद शर्मा, रंजीत सिंह, सरिता उनियाल, मोहित उप्रेती, आरती कुमावत आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
