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कबड्डी में सिर्फ शारीरिक दमखम ही नहीं, मानसिक रूप से मबजूती की भी बहुत जरूरत

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Kuldeep Khandelwal/ Niti Sharma/ Kaviraj Singh Chauhan/ Vineet Dhiman/ Anirudh vashisth/ Mashruf Raja / Anju Sandi

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इण्डोर स्टेडियम रोशनाबाद पहुॅचकर 50वीं नेशनल जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप का दीप जलाकर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी खिलाड़ियों के देवभूमि उत्तराखण्ड पधारने पर सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि उत्तराखण्ड को राश्ट्रीय जूनियर कबड्डी चैम्पियनशिप की मेज़बानी करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने खेलों एवं खिलाड़ियों के प्रति अपने जज़्बे को जाहिर करते हुए कहा कि हमेंशा प्रयास रहता है कि खिलाड़ियों एवं नौजवानों के बीज में आकर आवश्य कार्यक्रम में प्रतिभाग करूं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के बीच में आकर अत्यन्त हर्श की अनुभूति हो रही है।

उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों के चहरों पर ऊर्जा, उत्साह देखकर साफ पता चल रहा है इस प्रतियोगिता में अपना दम खम दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कबड्डी हमारे देश का एक प्राचीन खेल होने के साथ-साथ एक बहुत ही विशिष्ट खेल भी है। उन्होंने कहा कि इस खेल में सफलता के लिए जहॉ एक ओर खिलाड़ी की फूर्ती, ताकत और गति महत्वपूर्ण होती हैं वही दूसरी ओर खिलाड़ियों में धैर्य, जनून और टीम भावना भी बहुत जरूरी होती है अर्थात कबड्डी में फूर्ती, ताकत गति और धैर्य, जनून व टीम भावना का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि कबड्ड़ी में सिर्फ शारीरिक दमखम से ही काम नही चलता बल्कि मानसिक रूप से मबजूती की भी बहुत जरूरत पड़ती है। उन्होंने अपने टाईम का स्मरण करते हुए कहा कि स्कूल के दिनों में कबड्डी खेला करते थे और कबड्डी खेलना का यह फायदा हुआ कि राजनीति की कबड्डी में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है, हर क्षेत्र में देश आगे बढ़ रहा है और विश्व में नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत आज दुनिया के सामने एक अग्रणीय देश के रूप में पूरी दुनिया को उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इस क्रम में आज भारत खेलों के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को याद है कि एक समय था, कि खेलों के क्षेत्र में जब खिलाड़ियों का चयन होता था तो चयन में भाई-भतीजावाद किया जाता था, अच्छे खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलता था, पारदर्शिता से चयन नहीं होता था, अच्छे खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलता था। लेकिन नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इस पूरे क्षेत्र में पारदर्शिता आई और होनहार खिलाड़ियों एवं व्यक्तियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। वर्तमान में देश-दुनिया के अन्दर कोई खेल प्रतियोगिता होती है तो देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी जब जाते हैं तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनसे मिलते हैं, उनका हौंसला अफजाई करते हैं। खिलाड़ी पदक जीतते हैं तब भी बुलाते हैं और पदक जीतने से वंचित रह जाते हैं तब भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का कार्य करते है। प्रधानमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए फिट इण्डिया मूवमेंट और खेलों इण्डिया जैसी योजनाएं शुरू की हैं, वहीं दूसरी ओर देश में मजबूत स्पोर्ट्स इको सिस्टम की भी नीव रखी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में राज्य सरकार भी राज्य के अन्दर खेल प्रतिभाओं को, खेल संस्कृति को विकसित करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी देव भूमि उत्तराखण्ड के अन्दर कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां एक ओर खेल नीति लागू कर राश्ट्रीय एवं अन्तराश्ट्रीय स्तर के पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई हैं वहीं प्रदेश के आवासी स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क शिक्षा, प्रशिक्षण, भोजन, व किट प्रदान किये जा रहे हैं। इसके साथ ही 8 वर्श की उम्र से ही प्रतिभावान बच्चों को तैयारी करने के लिए खेल छात्रवृत्ति देने, खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने एवं खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दौ गुना करने जैसे अनेक निर्णयों के माध्यम से प्रदेश के अन्दर खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही खिलाड़ियों की सुविधाओं एवं विकास के लिए खेल विश्वविद्यालय बनाने जा रहे हैं। खेल विश्वविद्यालय से राज्य के खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, सुविधाएं मिलेंगी और अधिक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है आज उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए बहुत हर्श की बात है कि इसी माह 28 जनवरी से उत्तराखण्ड में 38वे राश्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। सरकार ने अवस्था सुविधाओं पर लगभग 500 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च की है। राज्य में कई नए खेल मैदानों का निर्माण करने के साथ-साथ पहले से बने स्टेडियम या खेल स्थलों के पुर्ननिर्माण के कार्य किये गए हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस बार के राश्ट्रीय खेलों को ग्रीन गैम्स थीम पर आयोजित करने जा रहे हैं। इस बार के राश्ट्रीय खेलों का आनन्द लें।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से पहुॅचे खिलाड़ियों तथा समस्त स्टाफ से कहा कि राज्य में शीतकालीन यात्रा पहली बार शुरू की गई है। गर्मियों में पूरे देश के लोग आए, उस समय आते हैं जब स्कूल बन्द व गर्मी का सीजन होता है। गर्मी में यहां का मौसम बहुत अच्छा होता है, शु़द्ध हवा व पानी, तापमान कम से कम होता है। गर्मियों में लोग ठण्डी हवा का आनन्द लेने व देव स्थानों का दर्शन करने आते हैं। सर्दियों में जहां मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा रहता है, धूप नहीं मिलती ऐंसे समय में देवभूमि हरिद्वार में धूप दिखाई दे रही है और पहाड़ों पर प्रतिदिन धूप देखने को मिलती है। बर्फ से ढ़की चोटियां शानदार लगती हैं,नई ऊर्जा, उमंग, उत्साह पैदा करती है तथा अध्यात्म एवं शान्ति की प्राप्ती होती है। उन्होंने देश की जनता से आह्वान किया कि उत्तराखण्ड आएं और धूप का आनन्द लेने के लिए अवश्य आएं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, सीएमओ आरके सिंह, एसपी सिटी पंकज गैरोला, डिप्टी कलेक्टर लक्ष्मी राज चौहान, एसडीएम अजयवीर सिंह पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक कुंवर प्रणब सिंह चैम्पियन, संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल,सुरेश राठौर, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर,आशुतोष शर्मा, ओपी जमदग्नि,आशु चौधरी, ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष महेश जोशी, महा सचिव डीके सिंह सहित अन्य व्यक्ति आदि उपस्थित थे।

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